यूपी के 67 जिलों में कोरोना संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया

यूपी के 67 जिलों में कोरोना संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया

लखनऊ। कोविड से बचाव के लिए प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उत्तर प्रदेश 10 करोड़ डोज लगाने वाला पहला राज्य है। 55 फीसदी से अधिक लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है। इस प्रक्रिया को और तेज किए जाने की आवश्यकता है। दूसरी डोज के लिए पात्र लोगों से संपर्क-संवाद बनाते हुए टीकाकरण किया जाए। वैक्सीन उपलब्धता के लिए भारत सरकार से सतत संपर्क बनाए रखा जाए।

लगातार कोशिशों से कोरोना की दूसरी लहर पर बने प्रभावी नियंत्रण के बीच जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। आज प्रदेश के 32 जनपदों (अलीगढ़, अमेठी, अमरोहा, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बागपत, बलिया, बांदा, बहराइच, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, कानपुर देहात, कासगंज, महोबा, मीरजापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, संतकबीरनगर, शामली, श्रावस्ती, सीतापुर और सोनभद्र) में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहें हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 से भी कम हो गया है और रिकवरी दर 98.8 फीसदी है।

विगत 24 घंटे में हुई 02 लाख 17 हजार 730 सैम्पल की टेस्टिंग में 67 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया, जबकि 08 जनपदों में इकाई अंक में मरीज पाए गए। वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 176 रह गई है। यह सतर्कता और सावधानी बरतने का समय है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण को बढ़ाने का कारक बन सकती है।

एग्रेसिव ट्रेसिंग, टेस्टिंग और त्वरित ट्रीटमेंट के मंत्र से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। अब तक 07 करोड़ 77 लाख 98 हजार 860 सैम्पल की कोविड जांच की जा चुकी है। विगत 24 घंटे में हुई टेस्टिंग में 11 नए मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 12 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। प्रदेश में अब तक 16 लाख 86 हजार 706 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। इस स्थिति को और बेहतर करने के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के अनुरूप सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं।

फिरोजाबाद, मथुरा व आगरा  के साथ-साथ सभी जिलों में डेगूं की स्थिति नियंत्रण में है। नए मरीजों की संख्या कम हो रही है। वायरल बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक इंतज़ाम किए जाएं। बुखार/दस्त/डायरिया आदि की दवाइयां वितरित की जाएं। सर्विलांस को और बेहतर किए जाने की जरूरत है। अस्पतालों में अतिरिक्त बेड, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाइयां, जांच उपकरण आदि की व्यवस्था की गई है। आवश्यकतानुसार इसमें और बढ़ोतरी की जाए।

17 अक्टूबर से 16 नवंबर की अवधि में प्रदेशव्यापी संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचालित किया जाए। बेहतर कार्ययोजना तैयार करें। मच्छरों से बचाव, साफ सफाई रखने, संक्रामक रोग से बचने और लड़ने के तरीके के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। अभियान की सफ़लता के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ काम किया जाए।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने “ग्राम स्वराज” की जो संकल्पना की थी, आज वह फलीभूत हो रही है। 02 अक्टूबर को गांधी जी की जयंती है। इस विशेष के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों की विशेष बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन पर चर्चा हो। अपने गांव को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशों पर विमर्श हो। कार्यक्रम में अधिकाधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए।

बाढ़/अतिवृष्टि से हुई कृषि फसलों की क्षति का आंकलन कराया जाए। जिस भी किसान की फसल का नुकसान हुआ हो, नियमानुसार उसकी क्षतिपूर्ति कराई जाए। राजस्व व कृषि विभाग परस्पर समन्वय के साथ शीर्ष प्राथमिकता देते हुए इस कार्य को पूर्ण करें।

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