CSK Vs SRH Match Preview : आर-पार की लड़ाई के लिए उतरेगी धोनी की सेना

दुबई। आईपीएल 13 में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन कर रही महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली चेन्नई सुपर किंग्स के लिए मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ होने वाले आईपीएल मुकाबले में आर-पार की लड़ाई होगी।

CSK Vs SRH

चेन्नई को पिछले मुकाबले में बेंगलुरु के हाथों 37 रन से हार का सामना करना पड़ा था जबकि हैदराबाद को रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के हाथों पांच विकेट से पराजित होना पड़ा था। चेन्नई सात मुकाबलों में दो जीत, पांच हार के साथ चार अंक लेकर अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। हैदराबाद की टीम सात मैचों में तीन जीत, चार हार के बाद छह अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है।

चेन्नई को हैदराबाद के खिलाफ हर हाल में बेहतर प्रदर्शन करना होगा क्योंकि टूर्नामेंट में उसके आधे मुकाबले हो चुके हैं और उसे प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए आने वाले मैचों में अपने ज्यादातर मैच जीतने होंगे। चेन्नई के सात मैच शेष हैं और अंतिम चार की दौड़ में बने रहने के लिए उसे कम से कम छह मैच जीतने होंगे।

चेन्नई के लिए उसकी बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता की बात है जो लगातार नाकाम रही है। कोलकाता के खिलाफ 168 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिस तरह चेन्नई के बल्लेबाजों ने निराश किया और उसे 10 रन से मैच हारना पड़ा उससे धोनी के बल्लेबाजों की कमी का साफ पता चलता है।

कोलकाता के खिलाफ सिर्फ शेन वाटसन ने बेहतर प्रदर्शन किया था लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन से चेन्नई को जीता हुआ मुकाबला हारना पड़ा था। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई का बल्लेबाजी आक्रमण पूरी तरह धराशायी हो गया और वह 132 रन ही बना सकी थी।

बेंगलुरु के खिलाफ मैच के बाद कप्तान धोनी ने भी इस बात को स्वीकार किया था कि उसकी बल्लेबाजी उनके लिए चिंता का सबब बनी हुई है। चेन्नई के पास वाटसन, फॉफ डू प्लेसिस, अंबाटी रायुडू और धोनी जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं लेकिन यह बल्लेबाज अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं।

वाटसन और डू प्लेसिस एक-दो अवसरों पर ही चल पाए हैं लेकिन धोनी अपने प्रदर्शन से टीम को प्रेरित करने में अभी तक नाकाम रहे हैं। धोनी को जल्द ही अपनी फॉर्म हासिल करनी होगी और टीम की जीत में अपना योगदान देना होगा। रायुडू सधी हुई बल्लेबाजी कर रहे हैं लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि उन्हें अंत तक टिक कर अपना काम सफलापूर्वक खत्म करने की जरुरत है।

हैदराबाद के खिलाफ चेन्नई को अपनी कमियों में सुधार करना होगा क्योंकि इसके बाद उसके लिए काफी देर हो जाएगी और प्लेऑफ में पहुंचना दूर की कौड़ी साबित होगी। चेन्नई को मध्यक्रम में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है जो लगातार विफल रहा है। हालांकि गेंदबाजी विभाग में उसके गेंदबाज कसी हुई गेंदबाजी कर रहे हैं।

टीम के पास सैम करेन, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर, ड्वेन ब्रावो और रवींद्र जडेजा जैसे गेंदबाज हैं जो किसी भी टीम को कम स्कोर पर रोक सकते हैं। गेंदबाजों ने पिछले दो मुकाबलों में अपना काम बखूबी किया है लेकिन बल्लेबाजों के विफल होने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ रहा है।

हैदराबाद ने राजस्थान के खिलाफ जीता हुआ मुकाबला हारा था। गेंदबाजों के अंत में निराशाजनक प्रदर्शन से उसे हार झेलनी पड़ी थी। हैदराबाद ने हालांकि बल्लेबाजी से भी संतोषजनक प्रदर्शन नहीं किया था और उसकी शुरुआत बेहद धीमी रही थी। हैदराबाद को 10-15 कम रन बनाने का खामियाजा भुगतना पड़ा था। वार्नर को अपनी गेंदबाजी में खासा सुधार करना होगा और उसके बल्लेबाजों को यह समझना होगा कि टी-20 प्रारुप में ज्यादा समय नहीं लिया जा सकता।

हैदराबाद के पास वार्नर, जॉनी बेयरस्टो, मनीष पांडे, केन विलियम्सन और प्रियम गर्ग जैसे घातक बल्लेबाज हैं जो किसी भी पल मैच का रुख मोड़ने में सक्षम है। इन बल्लेबाजों में से बेयरस्टो, वार्नर और पांडे अपनी फॉर्म में जो चेन्नई के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। लेकिन हैदराबाद को तेजी से रन बनाने और अपनी गेंदबाजी में निरंतरता बनाए रखनी होगी।

इस सत्र के रिकॉर्ड के अनुसार दोनों टीमों के बीच मुकाबले में हैदराबाद का पलड़ा भारी है लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि हैदराबाद और चेन्नई अपना-अपना पिछला मुकाबला हारे हैं और दोनों का मनोबल इससे थोड़ा जरुर गिरा हुआ होगा। दोनों टीमों के पास वापसी का बेहतर मौका रहेगा।

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