गुरमीत राम रहीम सिंह सहित पांचों दोषियों की सजा पर फैसला टला, अब 18 को होगी सजा

चंडीगढ। हरियाणा में पंचकूला की केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) की विशेष अदालत ने सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के प्रबंधन समिति के सदस्य रणजीत सिंह हत्याकांड में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह समेत पांच आरोपियों की सजा पर फैसला आज 18 अक्तूबर तक टाल दिया। अब सज़ा सुनाने की तारीख अदालत ने 18 अक्तूबर मुकर्रर की है।

राम रहीम सिंह

सीबीआई अदालत में आज दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस जारी रही। अदालत में आरोपी कृष्ण कुमार, अवतार, जसवीर और सबदिल पेश हुये लेकिन डेरा मुखी वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेश हुआ। एक अन्य आरोपी इंद्रसेन की मौत हो चुकी है।

बता दें कि डेरा प्रमुख को इससे पहले डेरा की साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त 2017 को दोषी करार देते हुये 20 साल की कैदी सज़ा सुनाई गई थी। इसके अलावा उन्हें सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उम्र कैद की सज़ा सुनाई जा चुकी है। ये दोनों सजाएं उन्हें सीबीआई अदालत के विशेष जगदीप सिंह ने सुनाईं थीं।

डेरा की प्रबंधन समिति के सदस्य रणजीत सिंह की 10 जुलाई 2002 को हत्या की गई थी। रणजीत सिंह पर संदेह था कि  साध्वी यौन शोषण मामले में गुमनाम पत्र उसने अपनी बहन से ही लिखवाया था। पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की थी। बाद में सीबीआई ने मामले की जांच करने के बाद आरोपियों पर मामला दर्ज किया था। इस मामले में वर्ष  2007 में सीबीआई की विशेष अदालत में आरोपियों पर आरोप तय किये गये थे। 

राम रहीम को इससे पहले सीबीआई जज रहे जगदीप सिंह ने सजा सुनाई थी। जगदीप का इसी साल ट्रांसफर हो गया था। उनकी जगह चंडीगढ़ में सीबीआई जज रहे डॉ. सुशील गर्ग को पंचकूला सीबीआई विशेष अदालत में नियुक्त किया गया है।

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