रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निभाया पिता का धर्म, गोद लिये बेटे की शादी में हुए शामिल

वाराणसी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को यहां दत्तक पुत्र के वैवाहिक समारोह में पहुंचे और दम्पति को आशीर्वाद दिया। रक्षामंत्री राजनाथ जब उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री थे। तब उन्होंने वर्ष 2002 में आश्रम पद्धति विद्यालय‚ वाराणसी में अव्वल आने वाले बिजेंद्र कुमार और चौबेपुर के शिवप्रसाद को अपना धर्मपुत्र मानकर गोद लिया था। और बिजेंद्र की पढ़ाई लिखाई का पूरा खर्चा वहन करने की पहल की। बिजेंद्र अब चिकित्सक बन चुके हैं और शनिवार को उनकी शादी थी। ऐसे में रक्षा मंत्री धर्म पिता की भूमिका में गाजीपुर के सैदपुर वार्ड संख्या 11 के मदारीपुर मोहल्ला में पहुंचे और बिजेंद्र के वैवाहिक समारोह की खुशियों में शामिल हुए तथा पगड़ी भी बांधी। उन्होंने वैवाहिक जीवन में प्रवेश करने पर वर वधु को आशीर्वाद दिया। खास बात ये रही कि रक्षामंत्री समारोह में देर तक रहे। इसको लेकर पूरे दिन चर्चा बनी रही।

राजनाथ सिंह

-वाराणसी एयरपोर्ट पर सैन्य अफसरों के साथ की बैठक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार अपराह्न में विशेष विमान से बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। यहां सैन्य अफसरों के साथ भाजपा के नेताओं ने स्वागत किया। रक्षा मंत्री ने एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल भवन स्थित वीआईपी लाउंज में 39 जीटीसी के ब्रिगेडियर और मेजर के साथ बैठक कर सेना की गतिविधियों की जानकारी ली। सैन्य अफसरों के साथ बैठक के दौरान भाजपा के नेताओं, मंत्रियों और स्थानीय अफसरों को उसमें शामिल होने की अनुमति नहीं मिली।

-सैदपुर में सेना के पराक्रम को सराहा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम को जमकर सराहा। सीमा पर चीन के पीछे हटने के बाद भी विपक्षी दलों के आरोप पर उन्होंने कहा कि यह देश की बड़ी बिडंबना है। हमारी सेना ने जिस धैर्य, शौर्य व संयम का परिचय दिया है, उसे जानकार हर भारतवासी को गर्व होगा। देश की सेना के शौर्य और पराक्रम पर किसी को संदेह नहीं करना चाहिए। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें पढ़ा लिखाकर कामयाब इंसान बनाने में आनंद की अनुभूति होती है। हर सक्षम व्यक्ति को यह कार्य करना चाहिए।

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