यूपी में महामारी बना डेंगू बुखार, योगी सरकार उदासीन : पीसीसी अध्यक्ष

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डेंगू बुखार ने महामारी का रूप धारण कर लिया है। सरकार की उदासीनता के चलते राजधानी सहित प्रदेश विभिन्न जनपदों में हजारों लोग डेंगू की चपेट में आकर जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार डेंगू की रोकथाम और समुचित इलाज हेतु ठोस कदम नहीं उठा रही है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि राजधानी में आज 8 नये डेंगू के मरीज सामने आये हैं। प्रदेश का कोई ऐसा अस्पताल नहीं है, जहां डेंगू के मरीज न भर्ती हों। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां कोरोना महामारी में आम जनता आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही है, वहीं डेंगू की बीमारी ने उसे और तंगहाल बना दिया है।

राजधानी में डेंगू के मरीजों की संख्या 564 से अधिक पहुंच गयी है। केजीएमयू, बलरामपुर, सिविल अस्पताल एवं लोहिया अस्पताल में तीन दर्जन से अधिक मरीज भर्ती हैं। इससे पूरे प्रदेश में डेंगू के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि यदि सरकार ने डेंगू से बचाव हेतु गंभीरता से उपाय किये होते तो प्रदेश की जनता की जान को जोखिम में पड़ने से बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि मच्छर जनित बीमारी डेंगू से बचाव हेतु सिर्फ कागजों में खाना पूर्ति की जा रही है।

लल्लू ने कहा कि शासन और प्रशासन डेंगू मच्छरों के लार्वा पनपने से रोकने, दवाइयों का छिड़काव एवं मलिन बस्तियों में मच्छरदानी आदि का वितरण किया गया होता तो इस बीमारी पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता था।

पीसीसी अध्यक्ष ने योगी सरकार से जिलाधिकारियों को व्यापक पैमाने पर डेंगू से बचाव हेतु दवाईयों का छिड़काव, फागिंग, मच्छरदानी एवं दवाओं का वितरण आदि सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper