धनतेरस : जरूरी नहीं सोना-चांदी ही खरीदें, ये चीजें खरीदने से भी मां लक्ष्‍मी की मिलती है कृपा

कार्तिक मास के कृष्‍ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाई जाता है। इस दिन भगवान धनवंतरी की जयंती भी मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन किसी धातु की चीज को खरीदने से मां लक्ष्‍मी की कृपा मिलती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन सोने या चांदी की चीजों को खरीदने से घर में वैभव और सुख-समृद्धि बढ़ती है। लेकिन कई लोग सोने या चांदी की वस्‍तुएं खरीद पाने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में उनको क्‍या करना चाहिए।

धनतेरस

दरअसल आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे कि अगर आप धनतेरस पर सोने या चांदी की वस्‍तु नहीं खरीद सकते तो निराश होने की आवश्‍यकता बिल्‍कुल भी नहीं है। इस दिन आप इन पांच चीजों की खरीदारी कर भी मां लक्ष्‍मी की कृपा पा सकते हैं। आइए जानते हैं क्‍या हैं वे वस्‍तुएं…

जौं : पौराणिक कथा में कहा गया है। कि जौ कनक यानी सोना के समान होता है। धनतेरस के दिन जौ को खरीदकर लाना सोने को खरीद कर लाने के समान ही फल देता है। धनतेरस के दिन चावल खरीदकर लाना सबसे शुभ माना गया है।

दीपावली से 7 दिन पहले सबसे शुभ संयोग, जल्‍दी करें, सिर्फ 24 घंटे 42 मिनट रहेगा ये नक्षत्र

धनिया : धनतेरस के दिन धनिया खरीदकर लाना भी बहुत शुभकारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि धनिया धन को बढ़ाता है। धनतेरस के दिन धनिया लाकर मां लक्ष्मी को अर्पित कर पूजा की जाती है। इसके कुछ दाने गमले में बो दें। अगर धनिया के पौधे निकलते है तो साल भर घर में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है।

पीतल : धनतेरस के दिन पीतल की वस्तु खरीदने से भी उतना ही लाभ होता है जितना कि सोना चांदी। सोने-चांदी के बाद पीतल की धातु ही सबसे शुभकारी मानी जाती है। धनतेरस पर पीपल की वस्तुयें खरीदकर भी मां लक्ष्मी की पूजा कर प्रसन्न कर सकते हैं।

झाड़ू : झाड़ू को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन झाड़ू लाने पर घर में मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है। कहते हैं कि धनतेरस के दिन झाड़ू को लाना मां लक्ष्मी को घर लाने के समान है। झाड़ू से घर की गंदगी साफ़ की जाती है अर्थात इससे घर की सारी नकारात्मकता दूर करते हैं। इसका महत्त्व सोने चांदी के समान है।

अक्षत : धनतेरस के दिन घर पर अक्षत अर्थात धान या चावल लाना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि अन्नों में धान /चावल को सबसे शुभ माना गया है। अक्षत का अर्थ होता है धन-संपति में अनंत वृद्धि। शास्त्रों में बताया गया है कि धनतेरस के दिन धान या चावल खरीदकर लाने से धन, वैभव और ऐश्वर्य में अनंत वृद्धि होती है। धान या चावल खरीदकर लाना सोने को खरीदकर लाने के समान है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper