Diabetes Diet: डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए खाएं ये चीजें

डायबिटीज

डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले आहार और जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी होता है। नहीं तो शुगर को कंट्रोल में लाना मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर होता है। इसमें हम जो भी खाते है वह ग्लूकोज में बदलकर खून के द्वारा पूरे शरीर में फैल जाता है। इसके बाद इंसूलिन हॉर्मोन, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलता है। डायबिटीज होने पर या तो शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसूलिन नहीं बनता या फिर शरीर सही से इंसूलिन का इस्तेमाल नहीं कर पाता।

इसलिए दिनभर के भोजन को पांच हिस्सों में बांट लें तथा हर बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो थोड़े-थोड़े अंतराल में भोजन करें,  क्योंकि एक साथ बहुत सारा खाना खाने से रक्त में शुगर का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है। दिनभर के भोजन को पाँच हिस्सों में बाँट लें तथा हर बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं।

-ज्यादा फाइबर का भोजन होना चाहिए…जैसे- छिलके सहित पूरी तरह से बनी हुई गेहूँ की रोटी, जई (oats) आदि जैसे कार्बोहाइड्रेट शामिल होने चाहिए, क्योंकि वे खून के प्रवाह में धीरे-धीरे मिल जाते है।

-गेहूँ और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पीस लें। रोटी बनाने के लिए इस चोकर सहित आटे का प्रयोग करें।

– सब्जियों में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, टिंडा, चौलाई, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, बोकली, टमाटर, बंदगोभी, सोयाबीन की बड़ी, काला चना, बीन्स, शिमला मिर्च, हरी पत्तेदार सब्जियाँ आहार में शामिल करें। इनसे बने सूप का भी सेवन करें।

-कमजोरी दूर करने के लिए कच्चा नारियल, अखरोट, मूंगफली के दाने, काजू, इसबगोल, सोयाबीन, दही और छाछ आदि का सेवन करें।

-25 ग्राम अलसी को पीसकर आँटे में गूथकर रोटी बनाएँ। अलसी रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती है।

-ग्रीन टी का सेवन डायबिटीज के रोगी के लिए बहुत लाभदायक है। इसमें मौजूद एंटिऑक्सिडेंट व्यक्ति को स्वस्थ रखते है। ग्रीन टी हो या काली चाय दोनों का ही सेवन बिना दूध और चीनी के करना चाहिए।

पत्तेदार सब्जियां

जैसे पालक और गोभी में कार्बोहाइड्रेट्स कम होता है | इसके अलावा मिनरल और विटामिन जैसे विटामिन सी का अच्छा स्रोत होते हैं | कई ` शोध में साबित किया गया है कि विटामिन सी से भरपूर युक्त फूड बढ़ाकर सूजन को कम किया जा सकता है | जबकि इसमें पाए जानेवाले एंटी ऑक्सीडेंट्स दिल के स्वास्थ्य की हिफाजत कर सकते हैं |

 चिया बीज

ये ज्यादा शक्तिशाली और फाइबर में भरपूर माने जाते हैं | जिसका नतीजा आखिरकार ब्लड शुगर लेवल में कमी के तौर पर सामने आता है | ये बीज ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम कर सकते हैं | ग्लाइसेमिक इंडेक्स माप से पता लगाया जाता है कि किसी फूड में मौजूद कार्बोहाइड्रेट कितनी देर में ग्लूकोज बनता है |  फाइबर की मात्रा पाए जाने की वजह से ये बीज वजन कम करने में सहयोग कर सकता है जबकि भूख को घटाकर आपको देर तक भरा हुआ महसूस रखता है |

फलियां

ग्लाइसेमिक इंडेक्स में फलियां सबसे सस्ते विकल्प में एक होता है | डायबिटीज के मरीज अपनी डाइट में फलियां शामिल कर सकते हैं | ये फाइबर के साथ जरूरी विटामिन और मिनरल में भरपूर माने जाते हैं | फलियां बीमारी में लोगों के लिए पूरी तरह पौष्टिक साबित होते हैं |

 लहसुन

लहसुन के खराब सुगंध के चलते लोग इससे दूरी बनाते हैं | पोषण के हिस्से के तौर पर बात की जाए तो इसके एक दाने में 4 कैलोरी होते हैं और विटामिन सी, बी6 के अलावा मैग्नीज और सेलेनियम शामिल होता है | कई शोध से पता चला है कि लहसुन को डाइट का हिस्सा बनाने से सूजन, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL कोलेस्ट्रॉल) और ब्लड शुगर लेवल तक को कम करने में मदद मिल सकती है |

अखरोट

अखरोट फाइबर के मामले में शानदार और कार्बोहाइड्रेट्स में कम होते हैं | शोध में दावा किया गया है कि अगर डायबिटीज के रोगी अखरोट का नियमित सेवन करें तो उनके न सिर्फ ब्लड शुगर लेवल बल्कि खराब कोलेस्ट्रॉल में भी कमी आ सकती है |

Related Articles

Back to top button
E-Paper