विश्वभारती पर आमने-सामने बीजेपी-तृणमूल, दिलीप घोष का ममता पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी और दिलीप घोष

कोलकाता: गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित संस्थान विश्वभारती को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल और भाजपा के बीच राजनीतिक जंग जारी  है। इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को आरोप लगाया है कि विश्वभारती को ममता बनर्जी राजनीति का अखाड़ा बनाना चाहती हैं।

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एक दिन पहले ही विश्वविद्यालय के पास बोलपुर में मुख्यमंत्री ने रोड शो किया था। वहां उन्होंने कहा था कि विश्वभारती के कुलपति भाजपा ब्रांड के हैं। इसे लेकर बुधवार को दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल का झंडा ढोने वालों को  जादवपुर व और कलकत्ता विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया है। अब ममता विश्वभारती विश्वविद्यालय को भी राजनीति का अखाड़ा बना रही हैं।

न्यूटाउन के हतियारा में चाय पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “5 रुपये में बिकने वाले आलू को 45 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। प्याज को तीन रुपये किलो में बेचा जाना था लेकि 60 रुपये में बिक रहा है। यह हालत राज्य के किसानों की है। मुख्यमंत्री के भाई कटमनी खा रहे हैं, किसान मर रहे हैं। ” ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘ वह अपनी पार्टी के हर एक नेता को संदेह की निगाह से देख रही हैं। दीदी को लगता है, शायद हर कोई भाजपायी बन गया है। दरअसल ममता बनर्जी को हार का डर सता रहा है इसीलिए हताशा में ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।”  

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही शुभेंदु अधिकारी के भाई सौमेंदु अधिकारी को कांथी नगरपालिका के प्रशासक के पद से तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाकर हटा दिया है।

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