देखने भी नहीं आए डॉक्‍टर, सात दिनों तक अस्‍पताल के बाहर पड़ा रहा मासूम, और फिर…

अस्‍पताल

कोलकाता। एक बार फिर राजधानी कोलकाता के राजकीय एसएसकेएम अस्पताल पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगा है। यहां सात दिनों तक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर बच्चे को लेकर उसके मां-बाप पड़े रहे लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बेड नहीं होने का हवाला देकर उसे भर्ती लेने से इनकार कर दिया। आखिरकार ट्यूमर फट जाने की वजह से सोमवार को बच्चे की मौत हो गई है।

सूत्रों ने बताया कि दो साल के बच्चे के पीठ में ट्यूमर हुआ था। उसे इलाज के लिए मां-बाप कोलकाता लाए थे। एनआरएस और चितरंजन अस्पताल में भी बच्चे को भर्ती लेने से इनकार कर दिया गया था जिसके बाद मजबूरन एसएसकेएम अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि यहां इमरजेंसी वार्ड के सामने सात दिनों तक पड़े रहे, रोज डॉक्टर्स से मिन्नत करते थे कि बच्चे का इलाज हो जाए लेकिन बेड नहीं होने का हवाला देकर बच्चे को बाहर ही छोड़ दिया जाता था।

सोमवार को जब बच्चा दर्द से कराहते हुए मर गया तब राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इसका संज्ञान लिया है। सोमवार को स्वास्थ विभाग के सूत्रों के अनुसार एसएसकेएम अस्पताल से इस बारे में रिपोर्ट मांगी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई बार कह चुकी हैं कि कोरोना वायरस के इलाज के बीच दूसरे रोगियों के इलाज में लापरवाही वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी।

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