भगोड़े मेहुल चोकसी की वापसी में रोड़ा, डोमिनिका कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण पर लगाई रोक

पीएनबी घोटाले में आरोपी भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। उसे भारत भेजे जाने पर डोमिनिका की कोर्ट ने रोक लगा दी है, क्योंकि डोमिनिका में मेहुल चोकसी के वकीलों ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी है। शुरू में मेहुल चोकसी से वकीलों को मिलने की छूट नहीं दी गई थी, इसी को आधार बनाकर यह याचिका डाली गई है।

मेहुल चोकसी के भारत में वकील विजय अग्रवाल ने का कहना है कि मेहुल चोकसी को जॉली हार्बर से जबरन उठाकर डोमिनिका लाया गया है। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में मेहुल चोकसी के डोमिनिका में वकील वेन मार्शे के हवाले से उनके साथ मारपीट होने की भी बात कही जा रही है। वकील के मुताबिक, मेहलुल चोकसी ने उन्हें बताया कि एंटीगुआ के जॉली हार्बर में उसका अपहरण कर लिया गया था।

इस बीच, डोमिनिका लिंकन कॉर्बेट के कार्यवाहक पुलिस प्रमुख ने कहा है कि पीएनबी घोटाले में भारत में वांछित भगोड़े मेहुल चोकसी को भारत नहीं, बल्कि एंटीगुआ प्रत्यर्पित किया जाएगा। उसके डोमिनिका में मिलने के बाद एंटीगुआ ने कहा था कि उसे डोमिनिका से सीधे भारत भेजा जाएगा। दरअसल, बीते हफ्ते मेहुल चोकसी एंटीगुआ से अचानक लापता हो गया था।

गौरतलब है कि 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में मेहुल चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी मुख्य आरोपी हैं। नीरव मोदी अभी लंदन की जेल में बंद है, जिसके प्रत्यर्पण के लिए भी प्रयास जारी हैं। आपको बता दें कि मेहुल चोकसी ने 2017 में ही एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी और जनवरी 2018 में अपने परिवार समेत वहां पर चला गया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

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