WHO वर्चुअल सत्र में बोले डॉ. हर्ष वर्धन – कोरोना से निपटने के लिए साझा वैश्विक कार्रवाई आवश्यक

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा है कि सरकारों, उद्योग और धर्मार्थ संगठनों को कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए संसाधनों, अनुसंधान और विनिर्माण तथा वितरण को साझा करना चाहिए। इसके साथ यह शर्त होनी चाहिए कि इसके फायदे सभी को मिलेंगे, भले ही इनका विनिर्माण किसी भी स्थान पर हुआ हो। उन्होंने कहा कि आपदा जोखिम में कमी और इसके प्रबंधन के लिए शीघ्र और पारदर्शी पहचान करना व तीव्र अनुसंधान तथा योजनाओं का प्रमाण आधारित तर्कसंगत कार्यान्वयन आवश्यक होगा।

डॉ. हर्ष वर्धन बतौर कार्यकारी अध्यक्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन बोर्ड ब्यूरो के पांचवें विशेष सत्र की वर्चुअल माध्यम से अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वर्तमान महामारी जैसी इन सभी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा कार्रवाई की आवश्यकता है। साझा जिम्मेदारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों के हमारे गठबंधन का मूलभूत दर्शन है।

इस मौके पर हर्ष वर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्यों से जन-स्वास्थ्य दायित्वों के जवाबदेह निर्वहन के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसके साथ डॉ. हर्ष वर्धन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेडरोस घेबरेयेसस को अपनी टिप्पणियां देने और भाग लेने वालों के लिए सत्र की शुरुआत करने का आग्रह किया।

इस सत्र की कार्य सूची में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 130 देशों द्वारा तैयार डब्ल्यूएचए 73.1 के प्रस्ताव का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों पर फोकस करना शामिल था। सत्र में पर्यवेक्षक और विश्व स्वास्थ्य संगठन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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