किसान आंदोलन: गाजीपुर बॉर्डर पर किसान ने लगाई फांसी, मौत

नई दिल्ली: आज किसान आंदोलन का 38वां दिन है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच किसान अपनी मांगों पर डटे हुए हैं। तो वहीं कृषि कानूनों के खिलाफ गाजियाबाद में दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के धरने में शामिल एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। किसान ने धरनास्थल पर शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या की।

पिछले 37 दिनों से नए कृषि कानूनों के विरुद्ध आंदोलन कर रहे किसानों के लिए शनिवार की सुबह एक दुख भरी खबर लेकर आई। गाजीपुर बॉर्डर पर 60 वर्षीय एक किसान ने शौचालय में आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद किसानों में रोष बढ़ गया है और प्रशासन में खलबली मची हुई है। अभी तक पूरे देश में किसान आंदोलन में के दौरान आत्महत्या करने या अन्य कारणों से अब तक 42 किसानों की मौत हो चुकी है। इससे पहले संत राम सिंह व एक अन्य किसान खुदकुशी कर चुके हैं। 
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला अध्यक्ष चौधरी विजेंद्र सिंह ने बताया कि आज सुबह जब सफाई कर्मचारी शौचालय की सफाई करने के लिए पहुंचे तो वहां देखा कि एक किसान फंदे पर लटका हुआ है। उसने तत्काल इसकी सूचना किसानों को दी। सूचना पर तत्काल तमाम किसान मौके पर पहुंचे और फंदे से उतार कर उसे अस्पताल भिजवाया लेकिन तब तक किसान की मौत हो चुकी थी।  उन्होंने बताया कि मरने वाला किसान बिलासपुर निवासी कश्मीरा सिंह है, जो यहां पर नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में शामिल था। विजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान हौसला बनाए रखें और आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम ना उठाएं। उन्होंने कहा कि हम लोग अपने हकों के लिए सरकार से लड़ रहे हैं। ऐसे में सभी किसानों को हिम्मत जुटाने की आवश्यकता है न कि हिम्मत हारने की। 
उधर पुलिस ने किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।  किसानों के परिवार को इसकी सूचना दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि गाजीपुर बॉर्डर पर शुक्रवार को भी ठंड के कारण 57 वर्षीय एक किसान का निधन हो गया था। 

दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। इससे पहले किसान और सरकार के बीच 7वें दौर की बातचीत में पूरा समाधान तो नहीं निकला। इसके अलावा विवाद के दो मुद्दों पर सहमति बन गई। बता दें कि अब किसानों और सरकार के बीच अब 4 जनवरी को अगली बैठक है। तो वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने बताया कि उन्हें भरोसा है कि 4 जनवरी को सकारात्मक नतीजे आएंगे।

जहां एक ओर दिल्ली का न्यूनतम पारा 1.1 तक चला गया। वहीं दूसरी ओर नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का धरना कड़ाके की ठंड में भी जारी है। सरकार से बातचीत के लिए किसानों ने सख्त तेवर अपना लिया है। किसानों की तरफ से यह कहा गया है कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं लिए जाएंगे तबतक प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।

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