सिद्धू के काफिले को किसानों ने घेरा, हाथ जोड़कर कांग्रेसी नेताओं ने खुद को बचाया

पटियाला (पंजाब)। लखीमपुर खीरी में हुई घटना के विरोध में कार्यकर्ताओं के काफिले को लेकर वहां जा रहे पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के काफिले को प्रदर्शनकारी किसानों ने धरेड़ी जट्टां टोल प्लाजा पर घेर लिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने वहां नवजोत सिद्धू के काफिले की गाड़ियों पर लगे कांग्रेस के स्टीकर और पोस्टर फाड़ डाले और सिद्धू मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। पुलिस ने सुरक्षा घेरे में लेकर सिद्धू को निकाला जबकि अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी हाथ जोड़ कर वहां से खुद को बचाया।

नवजोत सिंह सिद्धू

नवजोत सिंह सिद्धू का काफिला पटियाला से मोहाली आ रहा था, जहाँ से कांग्रेस का काफिला लखीमपुर के लिए रवाना होना था। किसानों के नाम पर हमदर्दी के इसी सिलसिले में सिद्धू ने पटियाला से राजपुरा के बीच आते गाँव धरेड़ी जट्टां के टोल प्लाजा पर एक संक्षिप्त कार्यक्रम रख लिया, जहाँ पर सिद्धू को लखीमपुर काफिला ले जाने के लिए सम्मानित करना था।

सिद्धू का काफिला टोल प्लाजा पर पहुंचा तो किसानों ने उनके काफिले को घेर लिया और एक -एक वाहन पर लगे कांग्रेस के स्टिकर, पोस्टरों और झंडों को उतार दिया। टोल प्लाजा पर मौजूद क्रान्तिकारी जत्थेबंदी की महिला कार्यकर्ताओं का कहना था कि आज धरने पर बैठे दस माह गुजर चुके है और सिद्धू आज किस मुँह से यहाँ अपना सम्मान करवाने आये हैं।

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महिलाओं ने कहा कि आंदोलन के दौरान उनके बच्चों तथा परिवार सदस्यों की मौत हुई और उनकी राख भी अभी ठंडी नहीं हुई। इसके बावजूद सिद्धू यहां राजनीति करने आये हैं । वे अपना प्रचार करने और अपने नाम के लिए आये है। महिलाओं ने सिद्धू के काफिले से साथ आये अन्य लोगों को भी जम कर लताड़ा।

इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने सभी वाहनों पर लगे कांग्रेस के स्टिकर वगैरह उतार दिए। उल्लेखनीय है कि किसानों ने पहले से ही यह कह रखा था कि कांग्रेस किसानों के नाम पर राजनीति बंद कर दे। इसी बात को देखते हुए अधिकतर कांग्रेसी नेताओं ने कांग्रेस के झंडे, पोस्टर की जगह किसान -मजदूर एकता के पोस्टर और स्टिकर लगा रखे थे। इसी दौरान मोहाली पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू ने आज 24 घंटे की भूख हड़ताल का ऐलान किया है। फिलहाल सिद्धू का काफिला उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो गया है।

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