फास्ट फूड से दूर रहें किशोरियां, ब्लड बढ़ाने के लिए लें आयरन की गोली : डा. नीरज सचान

कानपुर। किशोरियों में ब्लड की कमी आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। इसका मुख्य कारण उनका फॉस्ट फूड जैसे बर्गर और पिज्जा का सेवन करना है। इससे किशोरियों को दूर रहना चाहिये और ब्लड बढ़ाने के लिए आयरन की फोलिक एसिड की गोली सप्ताह में एक बार जरुर लें। इस गोली का सेवन खाना खाने के एक घंटे बाद करना है और इस गोली के सेवन से किशोरियों में होने वाली ब्लड की कमी को रोका जा सकता है। इससे किशोरियां स्वस्थ और पोषित रह सकती हैं। यह बातें गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. नीरज सचान ने कहीं।   

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंर्तगत गुरुवार को पतारा विकासखंड स्थित जहांगीराबाद गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में किशोर स्वास्थ्य मंच का आयोजन किया गया। इस दौरान किशोरियों को पोषण आहार, माहवारी के समय साफ—सफाई और किशोर उम्र में होने वाले बदलाव पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डा. नीरज सचान और खण्ड विकास अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा द्वारा संयुक्त रुप से किया गया। कॉलेज की प्रधानाचार्य ने बताया कि किशोर/ किशोरियों के लिए जिला अस्पताल में साथिया केंद्र संचालित किया जा रहा है। इस केंद्र में आईएफए टेबलेट मुफ्त में मिलती है, साथ ही किशोरों को नींद नहीं आना, मानसिक परेशानी, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के लिए यह केंद्र संचालित किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि 10–19 वर्ष की उम्र किशोरवस्था कहलाती है। इस दौरान कई शारीरिक बदलाव आते हैं। अक्सर किशोर इन बदलाव को लेकर असहज हो जाते है। एसी समस्याओं का सामना कर रहे किशोरों के लिए साथिया केंद्र संचालित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा खाना को हमेशा लोहे के कढ़ाई में ही बनाये, इसमें ज्यादा मात्र में आयरन प्राप्त होता है। इस दौरान आईसीडीएस विभाग द्वारा पोषण मंच बनाया गया, जिसमें हरी सब्जियों, गाजर, दालों में मौजूद पोषण पर जानकरी दी गई।

रंगोली का हुआ प्रदर्शन

बच्चों ने एनीमिया से निजात और नशा मुक्ति के लिए विभिन्न तरह के पोस्टर और रंगोली का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही नशा मुक्ति और अनीमिया से बचाव के लिए नाटक का मंचन भी हुआ। किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी बच्चों को पुरस्कार भी दिया गया, साथ बच्चों को किशोर स्वास्थ्य से संबंधित मानसिक और शारीरिक समस्याओं के बारे जागरुक भी किया गया।

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