आजाद भारत में पहली बार किसी महिला को दी जाएगी फांसी, 7 लोगों का किया था कत्‍ल

मेरठ अपने पूरे परिवार का कत्ल करने वाली ‘शबनम’ अब ‘डेथ वारंट’ का इंतजार कर रही है। रामपुर की जेल में बंद शबनम को फांसी देने के लिए मेरठ का पवन जल्लाद तैयार है। शबनम की फांसी की तारीख तय होते ही पवन मथुरा जेल के लिए रवाना हो जाएंगे। बता दें कि आजादी के बाद अब तक भारत में किसी भी महिला को फांसी नहीं दी गई है।  

फांसी

अमरोहा की रहने वाली शबनम ने 14 अप्रैल 2008 की रात अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने मां-बाप, दो भाई, एक भाभी, मौसी की लड़की और मासूम भतीजे को कुल्हाड़ी से काट डाला था। प्रेमी को पाने की चाहत में अपनों के खून से हाथ रंगने वाली शबनम और उसके प्रेमी सलीम को सुप्रीम कोर्ट ने भी फांसी की सजा बरकरार रखी थी।

सीधी बस हादसा : बाणसागर नहर से बुधवार सुबह दो और शव मिले, अब तक 49 की मौत

शबनम के संगीन गुनाह को देखते हुए महिला होने के बावजूद राष्ट्रपति भी उसकी अपील को ठुकरा चुके हैं। जिसके बाद मथुरा की जेल में शबनम को फांसी दिए जाने की तैयारी की जा रही है। लगभग एक साल पहले मेरठ के पवन जल्लाद मथुरा जेल में बनाए गए फांसी घर का निरीक्षण कर चुके हैं।

पवन ने बताया कि अभी मथुरा जेल के अधिकारियों ने उनसे संपर्क नहीं किया है। लेकिन वह शबनम को फांसी देने में बिल्कुल नहीं हिचकिचाएंगे। क्योंकि महिला हो या पुरुष गुनहगार को अंजाम तक पहुंचाना उनका फर्ज है।

गौरतलब है कि मथुरा जेल प्रशासन भी शबनम के ‘डेथ वारंट’ का इंतजार कर रहा है। पवन ने बताया कि डेथ वारंट आने के बाद यदि मथुरा जेल प्रशासन उनसे संपर्क करेगा तो वह तत्काल मथुरा के लिए रवाना हो जाएंगे।

Related Articles

Back to top button
E-Paper