चौथी बार जम्‍मू-कश्‍मीर की जमीनी हकीकत देखने पहुंचा विदेशी राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल

श्रीनगर। विभिन्न देशों के 20 राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल अपने जम्‍मू-कश्‍मीर के दो दिनों के दौरे पर बुधवार सुबह श्रीनगर पहुंच गया। यह प्रतिनिधिमंडल केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के साथ समन्वय में केंद्रीय विदेश मंत्रालय के निमंत्रण पर यहां के हालात का जायजा लेने के लिए पहुंचा है। कड़ी सुरक्षा के बीच यह प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को जम्मू का दौरा करेगा। इस प्रतिनिमंडल में 11 राजनयिक यूरोप, 5 अफ्रीका, 4 सी एंड एस अमेरिका से, दो मध्य एशिया तथा एक-एक एएसईएएन तथा पड़ोसी राज्य से हैं।

जम्‍मू-कश्‍मीर

दो दिन के अपने दौरे में यह प्रतिनिधिमंडल जिला विकास परिषद (डीडीसी) के प्रतिनिधियों और सिविल सोसाइटी के विभिन्न वर्गों से मुलाकात करने के अलावा घाटी के मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य पर प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक करेगा। सेना व पुलिस के अधिकारी इन्हें पाकिस्तानी साजिशों से अवगत कराएंगे। दिल्ली लौटने से पूर्व यह प्रतिनिधिमंडल उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात करेगा।

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यूरोपीय संघ के दौरे का आयोजन विदेश मंत्रालय ने किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान द्वारा कश्मीर को लेकर चलाए जा रहे दुष्प्रचार की हकीकत से दुनिया के सामने रखने के लिए भी इस दौरे का आयोजन किया गया है। इस दौरान यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल युवा संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात और जनभावनाओं को समझने का प्रयास करेगा। प्रशासनिक अधिकारी उन्हें कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया और 4जी इंटरनेट सेवा बहाली के साथ विकासात्मक गतिविधियों के बारे में जानकारी देंगे।

यह प्रतिनिधिमंडल झील किनारे स्थित एक हेरीटेज होटल में जिला विकास परिषद के प्रतिनिधियों और कुछ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलेगा, जबकि शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों से बैठक करेंगे। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बड़गाम जिले के मागम स्थित डिग्री कालेज भी जाएंगे और वहां स्थानीय छात्रों के साथ संवाद करेंगे। डल झील की सैर करने के बाद गुरुवार को यह दल जम्मू पहुंचेगा और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात करेगा।

श्रीनगर पहुंचे 20 राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल, पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो संघों में विभाजित होने के बाद जम्‍मू-कश्‍मीर का दौरा करने वाली चौथी कूटनीतिक मंडली है। यूरोपीय संसद के सदस्यों के पहले प्रतिनिधिमंडल ने अक्टूबर 2019 में जम्‍मू-कश्‍मीर का दौरा किया था, 16 दूतों के एक समूह ने जनवरी 2020 में जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। इसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सहित 25 विदेशी राजनयिकों का एक और प्रतिनिधिमंडल फरवरी 2020 को जम्मू-कश्मीर में स्थिति का जायजा लेने के आया। इसके ठीक एक साल बाद, इस तरह का यह चौथा राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल है जो अब प्रदेश की जमीनी हकीकत देखने के पहुंचा है।

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