तहलका पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में बरी

गोवा के सेशन कोर्ट ने तहलका पत्रिका के संस्थापक संपादक तरुण तेजपाल को यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया है। तरुण तेजपाल पर बीते 8 साल से मामला चल रहा था. उनकी एक सहकर्मी ने उन पर लिफ्ट में यौन शोषण का आरोप लगा था. हालांकि, उन्होंने मई 2014 से जमानत मिल गई थी।

तरुण तेजपाल के मामले की गोवा के फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो रही थी. जहां जज ने पिछले महीने सुनवाई के बाद अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था. इस मामले में गोवा पुलिस ने 2846 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। तरुण तेजपाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों से राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उन्हें कोई राहत देने से इनकार कर दिया था।

तरुण तेजपाल पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-341 (गलत तरीके से रोकने), धारा-342 (गलत तरीके से रोककर रखने), धारा-354 (गरिमा भंग करने की मंशा), धारा-354-ए (यौन उत्पीड़न) और धारा-354 बी (आपराधिक रूप से बल का इस्तेमाल) जैसी धाराओं के तहत मामला चल रहा था।

तरुण तेजपाल ने अदालत के फैसले पर आभार जताया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि अदातल ने बेहद श्रम साध्य और निष्पक्ष सुनवाई और सीसीटीवी फुटेज को जांचने के बाद फैसला सुनाया है।

बीते हफ्ते तरुण तेजपाल के वकील राजीव गोम्स की कोरोना से मौत हो गई थी। फैसले के बाद जारी बयान में तरुण तेजपाल ने कहा, ‘एक पारिवारिक सदस्य के रूप में राजीव गोम्स के हम सब पर हमेशा के लिए कर्जदार हैं और उनकी पत्नी शेर्ल और बेटे के दुख में शामिल हैं। कोई भी क्लाइंट राजीव से बेहतर वकील की उम्मीद नहीं कर सकता है।’

तरुण तेजपाल ने प्रमोद दूबे, आमिर खान, अंकुर चावला, अनिल देसाई, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद और अमल लाखी जैसे कई लोगों का आभार जताया है। उन्होंने अदालत के फैसले पर बाद में विस्तृत बयान देने की बात कही है।

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