पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन, 82 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

नई दिल्‍ली। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह का निधन हो गया है। वह 82 साल के थे और पिछले छह साल से कोमा में थे। उनके निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी दुख वक्त किया है।

जसवंत सिंह

पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा कि जसवंत सिंह जी ने पूरी लगन के साथ हमारे देश की सेवा की। पहले एक सैनिक के रूप में और बाद में राजनीति के साथ अपने लंबे जुड़ाव के दौरान।

पीएम ने कहा कि अटल जी की सरकार के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण विभागों को संभाला और वित्त, रक्षा और विदेश मामलों की दुनिया में एक मजबूत छाप छोड़ी। उनके निधन से दुखी हूं।

इसके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जसवंत सिंह को उनकी बौद्धिक क्षमताओं और देश की सेवा के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने राजस्थान में बीजेपी को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुख की घड़ी में उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना।

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताते हुए कहा, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता श्री जसवंत सिंह जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें व परिजनों को इस आघात को सहने की क्षमता प्रदान करें। ॐ शांति।’

बता दें कि जसवंत सिंह 1960 में सेना में मेजर के पद से इस्तीफा देकर राजनीति के मैदान में उतरे थे। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में वह अपने कैरियर के शीर्ष पर थे। 1996 से 2004 तक एनडीए के शासनकाल में जसवंत ने वित्त, रक्षा और विदेश मंत्रालयों का नेतृत्व किया।

वहीं इसके बाद साल 2014 में भाजपा ने जसवंत सिंह को राजस्थान के बाड़मेर से लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था। इसके बाद नाराज जसवंत सिंह ने पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ा मगर हार गए। उसी साल उन्‍हें सिर में गंभीर चोटें आई, तब से वह कोमा में थे।

जसवंत सिंह ने पहले सेना में रहकर देश सेवा की और बाद में राजनीति का दामन थाम लिया था। जसवंत सिंह 1980 से 2014 तक सांसद रहे और इस दौरान उन्होंने संसद के दोनों सदनों का प्रतिनिधित्व किया। उनके पुत्र मानवेंद्र सिंह भी राजनीति में हैं।

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