शुक्रवार से गुरु ग्रह होंगे अतिचारी, 5 अप्रैल तक नहीं होंगे किसी भी तरह के कोई भी शुभ कार्य

शुक्रवार को गुरु दोपहर 1.22 बजे मकर राशि में आ रहे हैं। यहां से वो अतिचारी हो जाएंगे। अपनी इस नीच राशि मकर तथा अतिचारी होने के कारण कोई भी मुहूर्त शुभ नहीं होगा। विवाह, संस्कार, मूर्ति प्रतिष्ठा, संन्यास दीक्षा, इत्यादि कोई भी कार्य नहीं होगा।

गुरु

इसको लेकर ज्‍योतिषी ने बताया कि प्रत्येक कुंभ में हजारों नए संन्यासी बनाने की प्रक्रिया होती है। जो परम्परा के हिसाब से मुहूर्त शास्त्र के हिसाब से इस बार नहीं होगी, क्योंकि यज्ञोपवीत, संन्यास, विवाह इन तीनों संस्कारों में गुरु का मजबूत होना अति आवश्यक है। और गुरु का नीच राशि में होना, अतिचारी होना ये गुरु के बल को कम करता है। नए महामंडलेश्वर पद पर भी पट्टाभिषेक नहीं हो पाएगा। इस बात पर विद्वानों को विचार करना होगा कि इस बार संन्यासी बनाने वालाें का अहित ना हो। जो भी गुरु बृहस्पति के नीच राशि में भ्रमण के समय, अतिचारी होने के समय दीक्षा देता है वो अपने समस्त पुण्याें का ह्रास करता है तथा भ्रमित हो जाता है।

ज्‍योतिषी ने बताया कि ऐसे व्यक्ति का ज्ञान किसी काम नहीं आता है तथा जो शिष्य इस काल में दीक्षा लेता है वो भी अपनी दीक्षा, शिक्षा का उपयोग नहीं कर पाता है। ये गुरु काल 5 अप्रैल तक होगा। इसके बाद दीक्षा देने में कोई बंधन नहीं होगा।

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