बाअदब, बामुलाहिजा, होशियार! आज से दीदार के लिए तैयार हैं शहर-ए-लखनऊ की ये चार धरोहरें

ई-टिकट से मिलेगा प्रवेश, गेट पर होगी थर्मल स्क्रीनिंग, शहर के ऐतिहासिक इमारतों के आज से खुलेंगे गेट
पर्यटन विभाग ने जारी की पर्यटकों के लिए नई गाइडलाइन, करना होगा सख्ती से पालन 

बड़े इमामबाड़े

लखनऊ। बाअदब, बामुलाहिजा, होशियार! एक बार फिर बड़े इमामबाड़े में तशरीफ लाने को तैयार हो जाएं। पर्यटकों के लिए नवाबों का शहर भी तैयार है। मंगलवार को बड़े इमामबाड़े सहित शहर की अन्य ऐतिहासिक इमारतों का गेट पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। पर्यटकों के इंतजार में ऐतिहासिक धरोहरें बिलकुल तैयार हैं। बड़े इमामबाड़े, छोटे इमामबाड़े व पिक्चर गैलरी सहित अन्य जगहों को सेनेटाइज किया जा चुका है। पर्यटन विभाग ने सोमवार को बैठकर कर पर्यटकों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है।

गाइडलाइन के मुताबिक केवल वहीं ऐतिहासिक धरोहरें पर्यटकों के लिए खुलेंगी, जो कंटोनमेंट जोन से बाहर हैं। कंटोनमेंट जोन में आने वाली इमारतों को बंद रखा जाएगा। ऐतिहासिक इमारतों का टिकट ऑनलाइन खरीदना होगा। ई-टिकट के जरिए ही पर्यटकों को छोटे-छोटे ग्रुप में इमारत में प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश से पहले पर्यटकों को सेनेटाइज किया जाएगा। साथ ही उनकी थर्मल स्क्रीनिंग होगी। थर्मल स्क्रीनिंग में शारीरिक तापमान सामान्य से अधिक मिलने व संक्रमण के लक्षण होने पर पर्यटकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही पर्यटकों को ऐतिहासिक इमारतों में प्रवेश दिया जाएगा। इमारत में कहीं भी पर्यटकों की भीड़ न लगे, इसके लिए खास हिदायत दी गई है।

नहीं खुला गेट, मायूस होकर लौटे पर्यटक

बड़े इमामबाड़े का गेट खुलने की उम्मीद में सोमवार को पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि, गेट पर पहुंचने के बाद तटका ताला देख पर्यटकों को मायूसी हुई। गेट तक पहुंचने के बाद भी पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिल सका और उनको बिना दीदार वापस लौटना पड़ा। सुबह से शाम तक इसी उम्मीद में पर्यटकों के आने का क्रम जारी रहा कि, शायद नई गाइडलाइन के साथ उनको प्रवेश मिल सके। लेकिन, किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इमामबाड़े के गेट पर बैठे स्टाफ ने पर्यटकों को समझाबुझाकर वापस लौटा दिया।

17 मार्च से बंद हैं प्रवेश

कोरोना काल के चलते पिछले करीब छह महीने से इमामबाड़े के गेट पर ताला लटका है। 17 मार्च से इमामबाड़ा परिसर में पर्यटकों का प्रवेश बंद है। ऐसा पहली बार हुआ है जब इतने दिनों के लिए इमामबाड़ा बंद करना पड़ा। इमामबाड़ा बंद होने से हुसैनाबाद ट्रस्ट को करीब 70 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा था। वहीं, इमामबाड़े में आने वाले पर्यटकों से मिलने वाले पैसों से गुजारा करने वाले दर्जनों परिवारों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इमामबाड़ा बंद होने से गाइडों, इक्का चालकों, दुकानदारों की आमदीन बिलकुल शून्य हो गई थी।

इन बातों का रखना होगा ध्यान

  • कंटोनमेंट जोन में न आने वाली ऐतिहासिक इमारतें में ही पर्यटकों को प्रवेश मिल सकेगा।
  • सरकार की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा।
  • इमारत को देखने के लिए ई-टिकट की व्यवस्था रहेगी। काउंटर से टिकट नहीं खरीद सकेंगे, ताकि फिजीकल टच से बचा जा सके।
  • कैफेटेरिया व पार्किंग का शुल्क भी डिजीटल माध्यम से करना होगा।
  • मास्क के साथ पर्यटकों को प्रवेश मिलेगा। पर्यटकों को शारीरिक दूरी का सख्ती से पालन करना होगा।
  • इमारत में प्रवेश व निकासी का रास्ता अलग-अलग होगा। दर्शकों को एक लाइन में रहकर आगे बढ़ना होगा। ताकि, कहीं भी भीड़ न लगे।
  • एक निर्धारित समय सीमा के लिए ही दर्शकों को प्रवेश मिलेगा।
  • इमारत में तैनात कर्मियों की जिम्मेदारी होगी कि कहीं भी दर्शकों की भीड़ न जुटे।
  • दर्शकों को ग्रुप में फोटाग्राफ खिचवाने की इजाजत नहीं होगी।
  • ऐतिहासिक इमारतों में लाइट एंड साउंड शो अगले आदेश तक निरस्त रहेंगे।
  • इमारत में वैध लाइसेंस वाले गाइड व फोटोग्राफर की ही डियूटी लगाई जाएगी।
  • परिसर में खाने-पीने की इजाजत नहीं होगी।
  • इमारत में केवल बोतल बंद पानी हीं बिकेगा, जिसका डिजीटल पेमेंट करना होगा।

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