गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ’30 जून के पहले शुरू होगा खाद उत्‍पादन’

योगी सरकार

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने गुरुवार को गोरखपुर खाद कारखाना का निरीक्षण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 30 जून से पहले कारखाना में उत्‍पादन शुरू हो जाएगा और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कारखाना का लोकार्पण करेंगे।

प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 26 साल से बंद कारखाने का शिलान्यास किया। वह आनंदित होने वाला क्षण था। यह कार्य आत्म-निर्भर भारत की योजना को साकार करने वाला कार्य है। अब किसानों को उर्वरक और रसायन के लिए किसी देश पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि सिंदरी, बरौनी में भी कार्य तेजी पर है। कोराना से देश-दुनिया जूझ रहा है। महामारी के बावजूद प्लांट का कार्य संतोषजनक है। आज प्रजेंटेशन और कार्य का भौतिक सत्यापन मैंने देखा है। 1967-68 में जापान की टोयो कंपनी ने लगाया था। अब वही टोयो कंपनी फर्टिलाइजर के प्लांट लगा रही है। किसानों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम 80-90 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का आयात कर रहे हैं, भारत की कुल खपत 320-330 लाख मीट्रिक टन है। प्रधानमंत्री का विज़न है कि आयात को कम से कम करना है।

केंद्रीय मंत्री ने ली है विशेष रुचि

मुख्यमंत्री योगी ने केन्द्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने खाद कारखाने को शुरू में विशेष रूचि ली है। वह हर 15 दिन पर निर्माण कार्य की समीक्षा करते हैं। उन्‍होंने कभी भी केमिकल और सामग्री की आपूर्ति को बाधित नहीं होने दिया। सरकार के प्रयासों के चलते सारे देश के किसान आज खुशहाल हैं। उन्‍हें कभी उर्वरक की परेशानी नहीं हुई। सप्लाई चेन बिगड़ने नहीं दी गई। खेती-किसानी में बाधा नहीं आई।

समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा काम

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर खाद कारखाने का काम समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार ने पहले दिन से तय किया है कि युवाओं, किसानों की योजना में कोई बाधा नहीं आएगी। 8000 करोड़ की लागत से प्लांट स्थापित हो रहा है। यह 1990 में कारखाना बंद हो गया था। राज्य सरकार द्वारा हर प्रकार का समर्थन मिलेगा। किसानों और नौजवानों के लिए स्किल्ड डेवलेपमेंट के कार्यक्रम आयोजित होंगे। कारखाने से बड़ी संख्‍या में रोजगार मिलेंगे।

चिलुआताल से शहर में होगी जलापूर्ति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चिलुआताल वॉटर बाडी को जल जीवन मिशन से जोड़कर हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इस दौरान उन्होंने शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध कराने में उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्‍लेख भी किया।

जेई-एईएस से हर होती थी हजारों मौतें

उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस और गंदे पानी से हर साल 3000 से अधिक मौतें होती थीं। बचाव और उपचार से इन मौतों पर काबू पाया गया। टायलेट और शुद्ध जल की आपूर्ति से इंसेफेलाइटिस और रोगों पर 75 फीसदी अंकुश लगा है। शुद्ध जल के लिए यह बड़ा स्रोत होगा।

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