मनरेगा में जिन ग्राम पंचायतों में ज्यादा धनराशि व्यय हुई, उनकी जांच हो: आयुक्त

मनरेगा

बांदा: विकास खण्ड बिसण्डा की जिन ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के अन्तर्गत ज्यादा धनराशि व्यय हुई है, ऐसी पांच ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों का सत्यापन मण्डल स्तरीय अधिकारियों से कराया जाए। आयुक्त चित्रकूधाम मण्डल, बांदा  दिनेश कुमार सिंह ने उपरोक्त निर्देश विकास खण्ड बिसण्डा के निरीक्षण के दौरान दिये।

नसीमुद्दीन और राजभर को मिली जमानत, अभद्र टिप्पणी मामले में हुई थी जेल

उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य चलते रहने चाहिए जिससे इच्छुक श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि विकास खण्ड बिसण्डा को माॅडल विकास खण्ड के रूप में विकसित किया जाए। सिंह ने विकास खण्ड परिसर तथा विकास खण्ड कार्यालय के मनरेगा अनुभाग, पंचायत कार्यालय तथा जनशिकायत पटल का निरीक्षण किया। उन्होंने निस्तारित शिकायतों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की।

आयुक्त ने विकास खण्ड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना से हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिये कि ग्राम पंचायतों में ऐसे कार्य मनरेगा से कराये जायें जिससे स्थानीय लोंगो को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने निर्देश दिये कि जो रिकार्ड पुराने हो गये हैं, उनकी बीडिंग करायी जाए। आयुक्त ने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि सोशल ऑडिट टीम को सभी सूचनायें प्राथमिकता पर उपलब्ध करायी जायें तथा सोशल ऑडिट को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए जिससे विकास कार्यों में पारिदर्शिता रहे।

लम्बित पेंशन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि वृद्धावस्था पेंशन के 284 तथा विधवा पेंशन के 38 प्रकरणों का तीन दिनों में सत्यापन का निस्तारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी ग्राम पंचायतों में पेंशन के पात्र व्यक्तियों की सूची बनाकर उनके पेंशन स्वीकृत की कार्यवाही प्राथमिकता पर करायी जाए। सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की समीक्षा करते हुए सिंह नेे निर्देश दिये कि विकास खण्ड में जो 36 सामुदायिक शौचालय पूर्ण हो गये हैं उन्हें स्वयं सहायता समूहों  के माध्यम से 15 दिन में संचालित कराया जाए तथा अवशेष 13 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

आयुक्त ने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन को मिनी सचिवालय के रूप में संचालित किया जाए तथा जिसमें सभी ग्राम स्तरीय कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही ग्राम पंचायत से सम्बन्धित कर्मचारियों के नाम, उनके फोन नम्बर तथा उनके बैठने के दिन को ग्राम पंचायत की दीवाल में लिखवाया जाए। इसके साथ ही जन सुविधा केन्द्र भी पंचायत भवन मे संचालित करवाया जाए।

विकास खण्ड बिसण्डा के निरीक्षण के समय संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र पाण्डेय, उप निदेशक सूचना भूपेन्द्र सिंह यादव, खण्ड विकास अधिकारी बिसण्डा मनोज कुमार सिंह उपस्थित रहे।आयुक्त ने विकास खण्ड के निरीक्षण के उपरान्त प्राथमिक विद्यालय आऊ का निरीक्षण किया। उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिये कि वे गाॅव के मोहल्लों में जाकर छात्र/छात्राओं को पढ़ाएं। सिंह ने स्वेटर वितरण, जूता वितरण इत्यादि के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की।

Related Articles

Back to top button
E-Paper