कैमरा बोले तो DSLR

बलभद्र लाल

चाहे कोई भी समारोह हो रहा हो और लोग एक जगह जुट कर उस समारोह में भाग ले रहे हो वहां पर आपने फोटोग्राफर जरूर देखे होंगे, ताकि उस फोटो को सहेजकर कर रखा जाये और उसे की यादों को कभी-कभी ताज़ा किया जाये। आज के युवा पीढ़ी तो DSLR कैमरा के बारे में थोड़ा बहुत जानते ही हैं भले उन्होंने इसका इस्तेमाल किया हो या न हो। अधिकतर लोगों के बीच तो फोटो खींचने  के लिए Digital Camera ही पॉपुलर हुआ करता था लेकिन पिछले कुछ समय से Digital कैमरा की जगह DSLR लेता जा रहा है। DSLR कैमरा में जो भी फोटो लिया जाता है उसकी क्वालिटी अन्य सभी कैमरा की तुलना में बहुत high होती है इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

आजकल कोई भी नया मोबाइल खरीदता है तो सभी उससे पूछते हैं की कैमरा कितने मेगापिक्सेल का है। नए मोबाइल फ़ोन की शुरुआत फोटो खींचकर ही करते हैं। कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जिन्हे मोबाइल में दूसरे configuration से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता बल्कि उन्हें बस अच्छी क्वालिटी और हाई मेगापिक्सेल का कमरा ही चाहिए होता है। अगर आप भी जानना चाह रहे हैं की DSLR Camera क्या है, तो हम आपको इस बारे में िवस्तार से बताने जा रहे हैं।

DSLR कैमरा  क्या है।

DSLR (Digital Single Lens Reflex)  एक प्रकार से SLR कैमरा का अपग्रेडड वर्जन हैं। SLR कैमरा पुराने समय का पॉपुलर फोटोग्राफी कैमरा हुआ करता था लेकिन अब 21वी सेंचुरी में SLR को अपग्रेड करके इसका न्यू वर्जन DSLR बना दिया है । आज मॉडर्न जमाने और फैशन के दौर में शायद ही कोई ऐसा हो जिसे फोटो खिंचवाने का शौक न हो। मोबाइल कैमरे ने भले ही सेल्फी को बढ़ावा दिया हो लेकिन आज रीयल फोटोग्राफी के लिए DSLR कैमरा आज भी लोगों की पहली पसंद है। शादी-फंक्शन, समारोह आदि में DSLR कैमरा ही काम में आता है। लोगों ने DSLR कैमरा का यूज़ किया भी होगा लेकिन इसके बारे में वे अच्छे से नहीं जानते है। वे सिर्फ यह जानते है की DSLR कैमरा अच्छी फोटोग्राफी में काम आता है लेकिन वे यह नहीं जानते की यह कैमरा कैसे काम करता है। इस कैमरे के क्या-क्या फंक्शन है और कैसे यह दुसरे डिजिटल कैमरों से अलग है। इसके लैंस भी बहुत एडवांस होते है और यह हमारे मोबाइल कैमरे से बहुत अलग होता है। इसके फीचर ही इसे यूनिक बनाते है। इसके लैंस और एडवांस फीचर आपको एक परफेक्ट पिक्चर लेने में मदद करते है। आईये जानते है DSLR कैमरा के पार्ट्स कैसे काम करते है?

DSLR कैमरा कैसे काम करता है?

जब हम एक DSLR के व्यू फाइंडर/आईपीस से देखते हैं जो की कैमरा के बैक में स्तिथ होता है, तब हमें जो भी दृश्य सामने देखते हैं लेंस के माध्यम से, इसका मतलब होता है की आप वो सारी चीज़ों को कैप्चर करने वाले हैं जो की आपको नज़र आता है। उस सेंस से लाइट आपके कैमरा के लेंस के माध्यम से रिलेक्स मिरर  तक आता है जप की कैमरा चैम्बर  के ऊपर स्थित होता है 45 डिग्री ऐंगल बनाकर, जो की फिर लाइट  को फारवर्ड करता है वर्टिकली एक आप्िटकल एलीमेंट को जिसे की एक “pentaprism” कहते हैं। ये pentaprism फिर उस vertical light को convert करता है horizontal में जिसके लिए वो लाइट को दो separate mirrors में redirect करता है सीधी viewfinder में। जब आप एक picture लेते हैं, तब reflex mirror upward swing करता है, जिससे वो vertical pathway को block करता है और light को अन्दर आने को allow करता है।

फिर shutter opens up हो जाता है और light reach करता है image sensor तक। ये shutter तब तक open रहता है जब तक की image sensor, record कर न ले image को, फिर shutter close हो जाता है और reflex mirror drops back करता है 45 degree angle में फिर ये light को आने देना चालू कर देता है viewfinder में। ये तो जायज सी बात है की, ये प्रोसेस यहां पर बंद नहीं हो जाता है। वैसे आगे बहुत ही कॉम्पलीकेटेड इमेज प्रोसेिसंग होने लगती है कैमरा में। ये कैमरा प्रोसेसर इनफॉरमेशन को लेता है image sensor से, और उसे convert करता है एक appropriate format में, फिर उसे एक memory card में write करता है। ये पूरी process को होने में बहुत ही कम समय लगता है और कुछ professional DSLRs तो इस काम से भी ज्यादा और भी चीज़ों को 1 second के भीतर करीब 11 गुना अधिक कर सकते हैं।

  कैमरे कितने प्रकार के होते हैं

फिल्म कैमरा

फिल्म कैमरा के बारे में बात किये बिना तो फोटोग्राफी अधूरी है क्योंकि ये फोटोग्राफी के शुरूआती दिनों से था। फिल्म कैमरा पूरी तरह से मैकेनिकल होते हैं और इनमें एक फिल्म रोल का प्रयोग होता है | ऐसा नहीं है कि फिल्म कैमरा आज पूरी तरह ख़त्म हो चुके हैं बल्कि अलग अलग प्रकार में आज भी मौजूद हैं।

DSLR  कैमरा

DSLR एक प्रकार से SLR कैमरा का अपग्रेडड वर्जन हैं। SLR कैमरा पुराने समय का पॉपुलर फोटोग्राफी कैमरा हुआ करता था लेकिन अब 21वी सेंचुरी में SLR को अपग्रेड करके इसका न्यू वर्जन DSLR बना दिया है।

ब्रिज कैमरा

क्या आप एक ऐसा कैमरा चाहते हैं जो DSLR जैसा दिखता हो  और फीचर भी DSLR वाले ही हों पर लेंस बदलने का कोई झंझट न रहे। अब पेश है आपके लिए एक ब्रिज कैमरा जिसमे आपको बढ़यिा ज़ूम , फुल मैन्युअल कण्ट्रोल के साथ साथ  शानदार वीडियो क्वालिटी भी मिलती है और वह भी ठीक दाम में।

पॉइंट एंड शूट कैमरा

पॉइंट एंड शूट कैमरा को आप कॉम्पैक्ट कैमरा भी कह सकते हैं इसका कम दाम और वज़न के कारण बहुत लोकप्रिय थे पर अब मोबाइल कैमरा

की वजह से सबकी पसंद से बाहर होते जा रहे हैं।

क्रॉप सेंसर DSLR कैमरा

यह फोटोग्राफी के लिए क्रॉप सेंसर कैमरा बहुत मशहूर हैं क्योंकि यह फुल फ्रेम की अपेक्षा सस्ते मिलते हैं पर इनका डायनामिक रेंज फुल फ्रेम कैमरों से कम होता है।

एक्शन कैमरा

एक्शन कैमरा एक ऐसा मजबूत और वाटरप्रूफ  कैमरा है जो एक्सट्रीम स्पोर्ट्स और एडवेंचर शूट करने के लिए बना है। आजकल गोप्रो कैमरा को ही एक्शन कैमरा कहा जाता है पर इसके अलावा भी DJI और सोनी जैसी  कंपनियां एक्शन कैमरा बनाती  हैं।

मिररलेस कैमरा

मिररलेस कैमरा के सारे फीचर DSLR जैसे ही होते हैं और इसमें लेंस बदलने की सुविधा भी रहती है पर MILC एक DSLR से हलके होते हैं। मिररलेस कैमरा एक डीएसएलआर से तेज ऑटोफोकस करता है ख़ास कर वीडियो शूट के दौरान और इन कैमरों की वीडियो क्वालिटी भी बेहतर होती है।

DSLR में जो उपकरण लगे हाेते हैं जैसे लेंस, शटर, सेंसर  कैसे काम करता है

लेंस

DSLR कैमरे में कुल तीन लेंस होते है। सबसे पहला “स्टैण्डर्ड लेंस” जो की अब यूज़ नहीं किये जाते। इन लेंसेज का इस्तेमाल फिल्म कैमरे में किया जाता था जो की 50MM रेंज की होती थी। इन लेंस को स्टैण्डर्ड लेंस इसलिए कहते थे क्योंकि यह पहले कैमरे के साथ आते थे और आप इनमे कोई Adjustment नहीं कर सकते थे।

किट लेंस

“स्टैण्डर्ड लेंस”  के बाद आया “किट लेंस” जो की अब DSLR कैमरे में यूज़ होते है। इन लेंस को रोज की शूटिंग के लिए डिजाईन किया गया था ताकि लोग डेली बेसिस पर इससे फोटो क्लिक कर सके। तीसरा लेंस है

रिफलेक्स मिरर

कैमरे का वो भाग जहां पर किसी इमेज की रिफलेक्स दिखाई देती है। यह कैमरे का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है। यह मिरर लेंस के ठीक पीछे लगा होता है जिससे लेंस से आने वाली लाइट इसपे पड़ती है और यह उसे एब्जार्व कर लेती है।

शटर

इसका काम कैमरे में जा रही लाइट को कंट्रोल करना होता है। शटर जितना जल्दी बंद होगा उतना ही कम लाइट इमेज को मिलेगा और शटर जितना स्लो बंद होगा उतना ही ज्यादा लाइट इमेज को मिलेगा।

 इमेज सेंसर

शटर जब एक बार बंद हो जाता है तो इमेज सेंसर उस इमेज को कैप्चर कर लेता है। जितना सेंसर बड़ा होगा उतनी ही डिटेल में फोटो आएगी। इमेज सेंसरो अगर छोटा होगा तो इमेज छोटी आएगी और दिखने में भी Clear नहीं आएगी।

फोकसिंग कैमरा

यह आपको फोटो का Preview दिखा सकता है की आप किस चीज की फोटो लेने जा रहे है। इसमें आप सामने दिख रही इमेज को View Finder में देख सकते है की इमेज सही से आ रही हा या नहीं।

कंडेन्सर लेंस

इसमें 2 Convex लेंस होते है और इन लेंसेज को डिजाईन करने का मतलब सिर्फ इतना है की जो लाइट लेंस पर पड़े वो सीधी रहे और एक पाथ पर चले।

पेंटाप्रिज्म

यह पांच कोनो वाला एक Reflecting Prism होता है जो किसी भी लाइट को 90 डिग्री पर मोड़ देता है चाहे वो लाइट 90 डीग्री के Prism में आई हो या नहीं।  ऐसा करने से लाइट इमेज पर सीधी पड़ती है और फोटो Clear आती है।

आईपीस / व्यू फाइडंर

कैमरे का वो भाग जहां से आप इमेज को देखते है वह View Finder होता है। यह एक LED ग्लास जैसा होता है जिसमे आप जो फोटो लेने जा रहे है उसे देख सकते है। व्यू फाइडंरकी मदद से फोटो पर अच्छे से फोकस सेट किया जा सकता है।

मोबाइल कैमरा और DSLR कैमरा

में क्या अंतर है?

मोबाइल के कैमरे और DSLR के कैमरे में वही अंतर है जो की एक प्रोफेशन और अनप्रोफेशनल चीज में होता है। DSLR में इमेज सेंसर बहुत बड़ा होता है जबकि मोबाइल के कैमरे में यह बहुत छोटा होता है। जितना बड़ा सेंसर होता है उतनी ही अच्छी पिक्चर आती है। ज्यादा मेगापिक्सेल का कैमरा होने से कुछ नहीं होता फोटो की क्वालिटी उसके सेंसर पर िडपेंड करती है। फोटो के मामले में DSLR कैमरा बहुत ही जबरदस्त है। DSLR में फोकस बहुत ही शानदार तरीके से किया जा सकता है मोबाइल कैमरा के तुलना में। इसके अलवा DSLR की बैटरी लाइफ भी बहुत ज्यादा होती है मोबाइल कैमरा की तुलना में। 

नाम, पैसा और ग्लैमर से भरपूर करियर है फोटोग्राफी 

फो टोग्राफी हमेशा से ही एक डिमांडिंग करियर ऑप्शन रहा है। आधुनिक और डिजिटल कैमरे के आने से अब फोटोग्राफी पहले से ज्यादा आसान हो गई है। वैसे लोग शोकिया तौर पर फोटोग्राफी करते है लेकिन अगर इसे करियर के रूप में चुना जाए तो यह एक बेहतरीन करियर विकल्प बन सकता है। आज फोटोग्राफी न सिर्फ एक ग्लैमर वाला करियर ऑप्शन है बल्कि इसमें नाम और पैसा भी अच्छा कमाया जा सकता है। पहले फोटोग्राफी करना और करवाना सम्पन्न वर्ग तक ही सीमित थी, लेकिन अब डिजीटल और सस्ते कैमरे आने से हर किसी वर्ग का शख्स फोटोग्राफी में हाथ आजमा रहा है।

फोटोग्राफी के लिए करियर योग्यता

जिन लोगों में फोटोग्राफी के लिए जुनून है उन लोगों के लिए किसी भी तरह की योग्यता की जरूरत नही है। लेकिन फिर भी आप इसके लिए कोई प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते है तो 12वीं के बाद इसके कई तरह के कोर्स में एडमिशन लेकर प्रोफेशनल फोटोग्राफी सीख सकते है।                

फोटो  जर्नलिज्म

फोटोग्राफी के साथ आपमें लिखने की कला भी है तो फोटोग्राफी की इस शाखा में आप बेहतरीन करियर बना सकते है। मीडिया संस्थानों को हर साल कई सारे फोटो जर्नलिस्ट की आवश्यकता पड़ती है। फोटोग्रॉफी करते वक्त इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है- लाईट्स- फोटो की खुबसुरती छिपी होती है उसकी लाईट्स में।

फोटोग्रॉफी के लिए आपको लाईट्स का नॉलेज होना जरूरी है। तेज धूप या तेज रोशनी पोट्रेट फोटोग्रॉफी के लिए सही नही मानी जाती है जबकि लैंडस्केप फोटोग्रॉफी के लिए कम रोशनी के खराब होती है। जिस चीज की फोटो खिंचनी है उस पर लाईट अच्छे से पड़ना जरूरी है। अगर आप खुले स्थान पर फोटोग्रॉफी करना चाहते है तो दिन का वो समय चुनना चाहिए जब मध्यम रोशनी हो। फ्रेम कंपोजिशन- लाईट्स के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात ध्यान रखनी है वो है फ्रेम कंपोजिशन।

अपने फ्रेम ऑब्जेक्ट के अलावा ज्यादा चीजों को नही रखें इससे मुख्य विषय भटकेगा और आप जो दिखाना चाह रहे थे वो बाकी चीजों के बीच छिप जाएगा। फोटो की सुन्दरता के लिए ये जरूरी है कि आपकी फ्रेम में सिर्फ सब्जेक्ट ही हो क्योंकि अनावश्यक चीजें आपकी फोटो को खराब कर सकती है।

डिजिटल कैमरा का इतिहास

1975 में ईस्टममैन कोडक के स्टीवन सैसन ने दुनिया

का सबसे पहला डिजिटल कैमरा बनाया।

1988 में पहली तस्वरी डिजिटल कैमरे से पीएम मोदी ने खींची थी।1989 में जापान की कंपनी निकॉन ने पहला डीएसएलआर कैमरा लॉन्च किया।

1990 भारत के बाजार में सबसे पहला डिजिटल कैमरा उपलब्ध हुआ था।

2000 में शार्प नाम की कंपनी ने जापान में दुनिया का पहला कैमरा फोन बनाया।

यहां से कर सकते है फोटोग्रॉफी का कोर्स

वैसे तो फोटोग्रॉफी के कई संस्थान है जो आपको हर बड़े शहर में मिल जाएंगे लेकिन फिर भी अगर आप भारत के प्रमुख संस्थानों से फोटोग्रॉफी सीखना चाहते है तो प्रमुख संस्थान इस प्रकार है-

n             ए.जे.के. मास कम्युनिकेशन सेंटर, जामिया मिलिया ंइस्लामिया, नई दिल्ली

n             दिल्ली स्कूल ऑफ फोटोग्रॉफी, दिल्ली

n             फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे

n             नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ फोटोग्राफी, मुंबई

n             इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट इन एजुकेशन एंड एडवांस्ड स्टडीज, अहमदाबाद

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