जड़ी बूटियों में छिपा है असाध्य बीमारियों का इलाज, विशेषज्ञों ने बताया लाभ

माता भगवती कुंज परिसर में लगाई गई है जड़ी बूटियों की फसल

बहराइच । हिमालय की तलहटी एवं नेपाल की तराई की दिव्य जड़ी बूटियां माता भगवती कुंज आश्रम परसेण्डी की शोभा बढ़ा रही है। इस आश्रम मे लगे जड़ी बूटियो के छोटे छोटे पौधे मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद कारगर साबित हो रहे है।

सर्दी जुकाम हो या टी.बी. गुर्दे की पथरी हो या गठिया बाई शुगर हो या फिर चेहरे पर झांई ऐसे तमाम मर्जों में ये जड़ी बूटियां बेहद कारगर साबित हुई है। तहसील मुख्यालय कैसरगंज से मात्र 11किमी. की दूरी पर लखनऊ बहराइच राजमार्ग पर झिंगुरी नाले के पास बने माता भगवती कुंज आश्रम मे जड़ी बूटियो की खेती कर असाध्य रोगों का इलाज किया जा रहा है।

आश्रम की क्यारियों में लगी दिव्य जड़ी बूटियो के बारे में जानकारी देते हुए आश्रम के व्यवस्थापक लाडली प्रसाद वर्मा ने बताया कि आश्रम में लगी जड़ी बूटी हरसिंगार हड्डी जोड़ने व चोट मोच आदि मे बेहतर कारगर है । गुलाचीन बूटी शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। यहां लगी सदाबहार जड़ी बूटी शुगर व स्त्री रोगों मे बेहद फायदेमंद है।

गिलोय बूटी कितना भी पुराना बुखार हो या पीलिया तत्काल लाभ पहुँचाता है तथा कोरोना संक्रमण से भी बचाता है।सर्पगंधा से अनिन्द्रा दूर होती है तथा पागलपन भी ठीक होता है। शरपुंखा जड़ी बूटी लीवर को मजबूत बनाती है तथा प्लीहा को ठीक करती है। निर्गुण्डी जड़ी बूटी गठिया के लिए बेहद दिव्य औषधि है।

इसी तरह अश्वगंधा, कसौंधी, अपामार्ग, शतावर, अकरकरा, स्वेतार्क, सुदर्शन, घृतकुमारी, लाजवन्ती, ब्रम्ही, सफेद फूल, कालमेख, लाल पुनर्नवा, पत्थर चूर, जैसी अनेक जीवन दायिनी जड़ी बूटियां आश्रम में अपनी आभा बिखेर रही है।तथा लोगों को निरोगी काया देने मे लगी हुई है।

आश्रम के व्यवस्थापक लाडली प्रसाद वर्मा ने बताया कि शान्तिकुंज हरिद्वार मे युग शिल्प सत्र में अनुभवी वैद्यो द्वारा जड़ी बूटियो एवं इससे बनने वाली औषधियों के बारे में विस्तार से बताया गया तथा इससे ठीक होने वाली बीमारियो के बारे मे भी विस्तार से चर्चा हुई।इसके पश्चात मेरे मन मे इन जड़ी बूटियो की खेती के प्रति झुकाव पैदा हो गया।

इस आश्रम में नेपाल व दूर दूर के जंगलों से लाकर जड़ी बूटियां यहाँ लगाई गयी।धीरे धीरे इस खेती की चर्चा आसपास होने लगी। जड़ी बूटियो से बनी औषधियों से लोगों को लाभ होने लगा। कई जनपदो से लोग यहाँ आकर इन जड़ी बूटियो के पौधों से लाभ उठा रहे है। उन्होंने बताया कि भविष्य मे इस खेती को और वृहद रूप दिया जाएगा।

Related Articles

Back to top button
E-Paper