लाठीचार्ज में माकपा कार्यकर्ता की मौत के मामले में हाई कोर्ट ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट

लाठीचार्ज

कोलकाता। गत 11 फरवरी को वाममोर्चा के “नवान्न (सचिवालय) चलो” रैली के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में घायल के मौत पर हाई कोर्ट ने पुलिस से जवाब तलब किया है। मंगलवार को कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर जांच की पूरी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। आगामी 12 मार्च को मामले की अगली सुनवाई होगी।

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दरअसल, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज में घायल डीवाईएफआई नेता मोइदुल इस्लाम मिद्दा की अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में कोलकाता पुलिस ने आईपीएस दमयंती सेन के नेतृत्व में स्पेशल जांच कमेटी का गठन किया है। इस संबंध में कलकत्ता हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई गई थी, जिसमें मोईदुल इस्लाम की मौत की न्यायिक जांच कराने और परिवार को क्षतिपूर्ति देने की मांग की गई थी।

मंगलवार को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने इसकी सुनवाई की। याचिककर्ता की ओर से अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कोर्ट को बताया कि 11 फरवरी को नवान्न अभियान के दौरान माकपा कर्मियों पर पुलिस ने बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया था, जो मानवाधिकार का हनन है। इस लाठीचार्ज से इस्लाम की मौत हुई है।

अधिवक्ता ने बताया कि माकपा की महिला कार्यकर्ताओं को पुरुष पुलिसकर्मियों ने बर्बर तरीके से पीटा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने रोजगार की मांग पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया था लेकिन पुलिस ने जिस तरह से उन पर लाठियां चटकाई वह संवैधानिक पद्धति के विरुद्ध है। सुनवाई के दौरान सवाल जवाब के बाद कोर्ट ने पुलिस की ओर से गठित विशेष कमेटी से पूर्णांग रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

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