अगर आपको भी नहीं लगती है भूख, तो अपनाएं ये 12 घरेलू उपाय

भूख न लगने की समस्या

अगर आपको भी भूख न लगने की समस्‍या का सामना करना पड़ रहा है, तो आपको अभी सावधान हो जाना चाहिए। दरअसल भूख न लगने की समस्‍या कभी भी कोई बड़ी बीमारी का रूप भी ले सकती है। अक्‍सर देखा जाता है कि जो व्‍यक्ति ज्‍यादा देर तक अपने काम में व्‍यस्‍त रहता है उसमें इस तरह की समस्‍या जरूर होती है।

भूख न लगने के पीछे मानसिक और शारीरिक दोनों कारण हो सकते हैं। भूख की कमी से शरीर कई बीमारियों की चपेट में आ सकता है, इसलिए इस समस्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इस लेख में हम भूख न लगने के कारणों के साथ-साथ भूख बढ़ाने के कई घरेलू नुस्खे बताएंगे, जो खोई हुई तंदुरुस्ती वापस लाने में मदद करेंगे। आइए, आगे जानते हैं भूख न लगने के कारणों के बारे में।

भूख न लगने की समस्या कुछ दिन या लंबे समय तक रह सकती है, जिसके पीछे विभिन्न कारण हो सकते हैं, जैसे डिप्रेशन, हार्मोनल असंतुलन, कोई गंभीर बीमारी, भोजन विकार आदि।

ये हैं भूख बढ़ाने के घरेलू उपाय

ऐसा नहीं है कि भूख न लगने की समस्या से निजात नहीं पाया जा सकता है। नीचे हम कुछ सटीक घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से भूख को बेहतर कर स्वस्थ जिंदगी का आनंद लिया जा सकता है।

अजवाइन

सामग्री : एक चम्मच अजवाइन, एक गिलास गुनगुना पानी,

ऐसे करें इस्तेमाल : एक चम्मच अजवाइन को पहले फांक लें और फिर एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। यह प्रक्रिया दिन में एक बार करें।

कैसे है लाभदायक : बेहतर पाचन स्वास्थ्य के लिए भारतीय व्यंजनों में अजवाइन का इस्तेमाल किया जाता है। गुनगुने पानी के साथ लेने से यह पाचन प्रणाली पर प्रभावी रूप से काम करता है। अजवाइन एंटी-फ्लैटुलेंस के रूप में कार्य करने के अलावा पाचन एंजाइमों के स्राव में भी मदद करता है, जो भूख को उत्तेजित करने का काम करते हैं। भूख बढ़ाने के उपाय के रूप में अजवाइन का इस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं।

अदरक

सामग्री : चम्मच का एक चौथाई धनिया पाउडर, आधा चम्मच अदरक पाउडर, 100ml पानी।

ऐसे करें इस्तेमाल : धनिया और अदरक पाउडर को मिला लें। अब पानी में इस मिश्रण को तब तक गर्म करें जब तक पानी आधा न हो जाए। अब इसे थोड़ा ठंडा होने के लिए रखें। फिर इसे चाय की तरह धीरे-धीरे पिएं।

कितनी बार करें : रोजाना इस काढ़े को एक बार पिएं।

कैसे है लाभदायक : अदरक एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-हाइपरटेंसिव, ग्लूकोज-सेंसिटाइजिंग व स्टिमुलेटरी गुणों से समृद्ध होता है। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जठराग्नि) ट्रैक्ट पर प्रभावी रूप से काम करता है। भूख लगने के तरीके के रूप में अदरक का इस प्रकार सेवन किया जा सकता है।

इमली

सामग्री : 10 ग्राम इमली, एक कप पानी, नमक (स्वादानुसार), काली मिर्च (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल : इमली को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो दें। स्वाद के लिए पानी में नमक और काली मिर्च मिलाएं। पानी को अच्छी तरह छान कर पिएं।

कितनी बार करें : रोजाना एक बार करें।

कैसे है लाभदायक :

इमली एक लोकप्रिय लैक्सेटिव है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर दक्षिण भारतीय व्यंजनों में किया जाता है। यह पाचन तंत्र में सुधार लाती है और भूख को बढ़ावा देती है। इमली में विटामिन-बी1 यानी थियामिन पाया जाता है, जो भूख बढ़ाने में मदद कर सकता है।

धनिया

सामग्री : 1/2 कप धनिया पत्ता, पानी (आवश्यकतानुसार)

कैसे करें इस्तेमाल : ग्राइंडर में धनिए की पत्तियां और पानी डालकर जूस बना लें। अब इस जूस को खाली पेट पिएं।

कितनी बार करें : समस्या के दिनों में रोजाना सुबह इस जूस को पिएं।

कैसे है लाभदायक : भूख बढ़ाने के उपाय के रूप में धनिये का प्रयोग किया जा सकता है। लंबे समय से धनिए का इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों में किया जा रहा है। इसकी पत्तियां एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध होती हैं और पाचन क्रिया में सुधार कर भूख को बढ़ाने का काम कर सकती हैं।

अनार का जूस

सामग्री : दो से तीन अनार, शहद (वैकल्पिक),

कैसे करें इस्तेमाल : जूसर की मदद से अनार का रस निकालें और स्वाद के लिए शहद मिलाएं। फिर जूस को हल्का ठंडा करके पी सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि अनार ताजा हो।

कितनी बार करें : हर दिन एक गिलास पिएं।

कैसे है लाभदायक : अनार एक गुणकारी फल है, जो एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन्स से समृद्ध होता है। पाचन स्वास्थ्य के लिए अनार बहुत फायदेमंद है। भूख को बढ़ाने के रूप में रोजाना अनार का रस पी सकते हैं।

आंवला

सामग्री : 20-30ml आंवले का रस

कैसे करें इस्तेमाल : आंवला का जूस बाजार में आसानी से मिल जाता है या फिर इसे घर में भी निकाल सकते हैं। आवंला का रस निकालने के लिए सबसे पहले ताजे आवलों का चयन करें और बीज निकाल कर छोटा-छोटा काट लें। अब ग्राइंडर में कटा हुआ आंवला और थोड़ा पानी डालकर ग्राइंड करें। अब साफ सूती का कपड़ा लें और उसमें ग्राइंड किया हुआ आंवला डालें। कपड़े को निचोड़कर रस किसी कप में डाल लें। अब आधे कप पानी में 20-30ml आंवला का रस मिलाकर पिएं।

कितनी बार करें : समस्या के दिनों में रोजाना सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक : भूख बढ़ाने के लिए आंवला का सेवन भी किया जा सकता है। दरअसल, यह विटामिन-सी और गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुणों से समृद्ध होता है। यह पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम कर सकता है। भूख बढ़ाने की दवा के रूप में आंवले के रस का सेवन कर सकते हैं।

नींबू

सामग्री : आधा नींबू, एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे करें इस्तेमाल : एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ लें। रोजाना खाली पेट इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक : भूख बढ़ाने की दवा के रूप में नींबू का प्रयोग किया जा सकता है। नींबू विटामिन-सी से समृद्ध होता है, जो पेट को साफ कर पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। नींबू डाइटरी फाइबर से भी समृद्ध होता है, जो आंतों को स्वस्थ रखता है। भूख बढ़ाने के उपाय के रूप में नींबू को इस प्रकार प्रयोग में ला सकते हैं।

इलायची

सामग्री : दो से तीन हरी इलायची, अदरक का एक छोटा टुकड़ा, दो से तीन लौंग, एक चौथाई चम्मच धनिये के बीज, एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे करें इस्तेमाल : सभी सामग्रियों को ग्राइंडर की मदद से पीस लें। अब एक गिलास गुनगुने पानी के साथ इस मिश्रण का सेवन सुबह खाली पेट करें।

कितनी बार करें : रोजाना सुबह दिन में एक बार इसे लिया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक : लगभग 14वीं शताब्दी से इलायची का इस्तेमाल भारतीय आयुर्वेदिक और प्राचीन यूनानी-रोमन चिकित्सकों द्वारा अपच, कब्ज व भूख न लगने जैसी समस्याओं के लिए किया जा रहा है। भूख बढ़ाने की दवा के रूप में इलायची का सेवन कर सकते हैं।

मेपल सिरप

सामग्री : आधा कप शुद्ध मेपल सिरप, नींबू रस की पांच-छह बूंदें, पांच कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल : एक पैन में पानी और मेपल सिरप डालकर कुछ मिनट गर्म करें। अब मिश्रण को ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद इसमें नींबू का रस मिलाएं। अब किसी एयरटाइट कंटेनर में इसे स्टोर करें और जरूरत पड़ने पर दो चम्मच पिएं।

कितनी बार करें : दिन में दो बार इसका सेवन करें।

कैसे है लाभदायक : भूख बढ़ाने की दवा के रूप में मेपल का इस प्रकार सेवन किया जा सकता है। नींबू के साथ मिलकर मेपल एक कारगर औषधि बन जाता है। यह पाचन क्रिया और इम्यून सिस्टम को मजबूत कर भूख न लगने की समस्या से निजात दिला सकता है। फिलहाल, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

सौंफ की चाय

सामग्री : 1 चम्मच सौंफ के बीज, आधा चम्मच मेथी के दानें, आधा चम्मच शहद, दो से तीन कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल : सौंफ और मेथी के दानों को कुछ मिनट तक उबालें। स्वाद के लिए आधा चम्मच शहद मिला सकते हैं। अब इसे छानें और चाय की तरह धीरे-धीरे पिएं।

कितनी बार करें : इस चाय को दिन में एक या दो बार पिएं।

कैसे है लाभदायक : सौंफ भूख को बढ़ाने के रूप में कार्य कर पाचन को बढ़ावा देने का काम कर सकती है। इससे भूख बढ़ाने में मदद मिल सकती है। भूख बढ़ाने के उपाय के रूप में सौंफ को बताए गए तरीके से इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

काली मिर्च

सामग्री : दो से तीन काली मिर्च, चम्मच का एक चौथाई अदरक, एक चौथाई चम्मच चायपत्ती, शहद (स्वादानुसार), एक कप पानी

कैसे करें इस्तेमाल : रोजाना दो से तीन काली मिर्च सीधे खा सकते हैं या फिर काली मिर्च की चाय बना सकते हैं। चाय बनाने के लिए पैन में एक कप पानी को गर्म होने के लिए रखें। इसमें अदरक, चायपत्ती और काली मिर्च डालकर चार-पांच मिनट तक अच्छी तरह खौलाएं। अब चाय को छान लें और स्वादानुसार शहद मिलाकर धीरे-धीरे पिएं।

कैसे है लाभदायक : भूख न लगने की समस्या से निजात पाने के लिए काली मिर्च का उपयोग कर सकते हैं। काली मिर्च एक कारगर दवा के रूप में कार्य करती है, जो पाचन शक्ति को मजबूत बना भूख में सुधार लाती है।

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विटामिन्स

आमतौर पर वयस्कों और बच्चों में भी भूख बढ़ाने के लिए विटामिन-बी का उपयोग किया जाता है। विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स समूह में किसी भी विटामिन की कमी होने से पाचन संबंधी दिक्कत और भूख न लगने की समस्या खड़ी हो जाती है। भूख को सही करने के लिए विटामिन-बी से भरपूर खाद्य पदार्थों का भी सेवन कर सकते हैं। मछली, चिकन, मीट, अंडे, डेयरी उत्पाद, पत्तेदार हरी सब्जियां व बीन्स आदि विटामिन-बी के अच्छे स्रोत हैं।

कुछ अन्‍य उपाय

ऊपर बताए गए घरेलू नुस्खों के अलावा भूख बढ़ाने के लिए नीचे बिताए जा रहे अन्य उपायों को भी प्रयोग में लाया जा सकता है।

पाचन क्रिया को मजबूत बनाने और भूख बढ़ाने के लिए योगासनों की मदद ले सकते हैं। सूर्य नमस्कार, कपालभाति प्राणायाम, पश्चिमोत्तान व पवनमुक्तासन आदि का रोजाना अभ्यास कर सकते हैं। इन योग क्रियाओं को करने के लिए प्रशिक्षक की मदद जरूर लें।

भोजन करते समय ध्यान खाने पर ही होना चाहिए। खासकर, बच्चे भोजन करते वक्त टीवी या अन्य चीजों पर ध्यान देने लगते हैं, जिस कारण वो ठीक प्रकार से खाना नहीं खा पाते।

भोजन समय पर करें। भोजन समय पर न करने से भूख न लगने की समस्या खड़ी हो सकती है। सुबह का नाश्ता थोड़ा भारी करें, दोपहर का खाना नाश्ते से कम और रात का भोजन हल्का होना चाहिए।

जंक फूड्स से दूर रहें और अपने दैनिक आहार में हरी सब्जियों व फलों को शामिल करें। दिन की शुरुआत फ्रूट जूस से कर सकते हैं। फाइबर युक्त खाद्य सामग्री, जैसे – केले आदि का सेवन करें।

व्यस्त जीवनशैली में भूख न लगने की समस्या किसी को भी सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भूख बढ़ाने के लिए लेख में बताए गए घरेलू नुस्खों का सहारा लिया जा सकता है। ये सभी उपाय प्राकृतिक और कारगर हैं। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि इन उपायों के प्रयोग के दौरान अगर किसी को मतली, एलर्जी या उल्टी जैसे लक्षण देखते हैं, तो इनका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। वहीं, अगर घरेलू नुस्खा कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं दे रहा है, तो संबंधित डॉक्टर से संपर्क करें।

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