बदलते मौसम में कुछ इस तरह रखें बच्चों व बुजुर्गों का ध्यान, जाने डॉक्टर्स की राय

शारदीय नवरात्रि समाप्त होने के साथ ही मौसम ने करवट बदलना शुरू कर दिया है। ऐसे में बच्चों और बुज़ुर्गों के स्वास्थ को लेकर डॉक्टर्स की राय लेना बहुत ज़रूरी है। प्राकृतिक हिसाब से चित्रा नक्षत्र में ठंड वैसे भी आ जाती है, अब सुबह और शाम में हल्की-हल्की गलाबी ठंड लगना शुरू हो गया है। पिछले तीन-चार दिनों से सुबह का तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है तथा आने वाले कुछ दिनों में और तेजी से नीचे जाएगा। अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अधिक अंतर रहने के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी पड़ने के कारण अस्पतालोंं में भीड़ बढ़ने लगती है। ऐसे में नवजातों, शिशुओं और बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत है।

डॉ. रमण कुमार झा ने बताया कि सुबह के समय ठंड और दोपहर के समय गर्मी लग रही है, जिससे लोगों को खासकर बच्चों और बुजुर्गों को बचना होगा। सुबह और शाम में ठंड महसूस हो रही है, इसलिए मौसम के बदलते मिजाज से बचाव को लेकर हर किसी को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे में खासकर नवजात बच्चों का उचित देखभाल बेहद जरूरी है। बच्चे बदलते मौसम की चपेट में तुरंत आ जाते हैं और तरह-तरह के बीमारी से घिर जाते हैं। स्वास्थ्य के प्रति सजग होकर नवजात, वृद्ध और बीमार को इन तमाम परेशानियों से दूर रखा जा सकता है।

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डॉ. संगीता ने बताया कि नवजात के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है। इससे ना सिर्फ शारीरिक और मानसिक विकास ही होता है। नवजात की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी पूर्व की अपेक्षा काफी मजबूत होती है और नवजात कई रोगों से लड़ने में सक्षम रहता है। खासकर संक्रामक बीमारी से भी दूर रहता है। इसलिए जन्म के बाद छह माह तक सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं। बच्चों और शिशुओं को गर्म कपड़े पहनाएं, बदलते मौसम से बच्चों को बचाने को लिए हल्का गर्म और ऊनी कपड़े पहनाएं। इससे नवजात के शरीर का तापमान सामान्य रहेगा और ठंड से होने वाली परेशानी से दूर रहेगा। इसके अलावा वे साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और नवजात का उचित देखभाल करते रहें। साफ-सफाई का ख्याल रखने से नवजात हर तरह की संक्रामक बीमारी से भी दूर रहेगा।

बच्चों के साथ ही बीमार, बुजुर्ग तथा खांसी एवं दम्मा से प्रभावित लोगों के प्रति विशेष सतर्कता बरतें। दवा समय पर दिया जाना चाहिए, डॉक्टरों द्वारा बताए गए सभी उपाय समय पर करने से इन्हें मौसम में बदलाव से होने वाली बीमारियों से काफी हद तक बचाया जा सकता है। इसके साथ ही कोरोना के सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए टीका लगवाने से सिर्फ कोरोना ही नहीं, अन्य संक्रामक बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

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