वेबीनार में पं. मालवीय की फोटो हटाकर लगाई अल्लामा इकबाल की तस्वीर, हुआ विवाद

लगाई अल्लामा इकबाल की तस्वीर, हुआ विवाद

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ,बनारस उर्दू विभाग में एक वेबीनार के आमंत्रण पत्र पर पंडित मदन मोहन मालवीय की फोटो की जगह अल्लामा इकबाल की फोटो लगा देने से बवाल खड़ा हो गया है. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के उर्दू विभाग में आयोजित एक वेबिनार कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र पर बीएचयू के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर हटाकर पाकिस्तान के राष्ट्रकवि अल्लामा इकबाल की तस्वीर लगाने का मामला सामने आया है. बीएचयू कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है,तीन दिनों के अंदर जांच कमेटी कालेज प्रशासन के सामने अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. उर्दू विभागाध्यक्ष अफताब अहमद ने कहा इकबाल की फोटो लगाने से विवाद क्यों हो रहा है,मेरी समझ में ये नही आ रहा है?

अल्लामा इकबाल

उर्दू विभागाध्यक्ष अफताब अहमद ने कहा अल्लामा इक़बाल पाकिस्तानी कैसे हो गये? जब वे पैदा हिंदुस्तान में हुए और मरे भी यहीं. भारत पाकिस्तान बंटवारे से पहले 1938 में उनका इंतकाल हो गया था.इकबाल ने ही लिखा था “सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा”. मध्यप्रदेश सरकार इक़बाल के नाम से साहित्यकारों को सम्मान देती है .इकबाल तो सिलेबस में हैं.

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जानिए कौन हैं अल्लामा इक़बाल?

इकबाल का जन्म 1877 सियालकोट में हुआ था. इक़बाल उर्दू व फारसी शायर होने के साथ एक दार्शनिक,मशहूर नेता थे.1930 ई में इकबाल के नेतृत्व में मुस्लिम लीग में मुसलमानों के लिए अलग राष्ट्र बनाने की आवाज उठाई गयी थी.हालांकि 1938 में इनका इंतकाल हो गया था.आज़ादी से पहले इकबाल ने तराना-ए-हिन्द ने लिखा था जिसकी पहली पंक्ति है,”सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा”.

बीएचयू के पूरे विवाद पर सफाई देते हुए उर्दू विभागाध्यक्ष आफताब अहमद ने कहा कि ऑनलाइन आमंत्रण पत्र में सुधार कर दिया गया है.इकबाल की तस्वीर हटा दी गयी है.

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