यूपी में रोज कमाने-खाने वालों को भत्ता देने के निर्देश जारी

कोविड-19 महामारी ने रोजाना मजदूरी करके जिंदगी की गाड़ी खींचने वाले लोगों के सामने चुनौतियों खड़ी कर दी हैं। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ऐसे लोगों को भरण-पोषण भत्ता देने का फैसला किया है। बुधवार को इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए। इसके तहत ठेला, खोमचा, रेहडी, खोखा, पटरी दुकानदार, पंजीकृत श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, कुली, पल्लेदार, नाविक, नाई, धोबी, मोची, हलवाई जैसे तमाम लोगों को हर महीने 1000 प्रति माह के हिसाब से भत्ता मिलेगा। इसके अलावा इन लोगों को तीन महीने का राशन भी निशुल्क दिया जाएगा। इसका लाभ जीएसटी के दायरे में न आने वाले हलवाई को भी मिलेगा।

इसके लिए लाभार्थियों को चिन्हित करने के लिए एक जिलास्तरीय समिति बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके अध्यक्षजिलाधिकारी होंगे, जबकि सीडीओ, एडीएम, वरिष्ठ कोषाधिकारी, नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, डीएसओ, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सदस्य होंगे। यह समिति के माध्यम से चिन्हित किए जाने वाले पात्रों की जानकारी को rahat.up.nic.in पर अपलोड किया जाएगा। शङरी क्षेत्र के पात्रों का डेटा अपलोड करने की जिम्मेदारी नगर आयुक्त/अधिशासी अधिकारी, नोडल अधिकारी की होगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी जिला पंचायती राज अधिकारी की होगी।

यूपी की योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान भी मजदूरों की मदद की थी। विभिन्न क्षेत्रों के असंगठित क्षेत्र के 4.8 लाख दैनिक श्रमिकों को भरण-पोषण के लिए प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये की राशि जारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 48.17 करोड़ रुपये सीधे उनके खाते में डाले गए थे।

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