इजरायल में नई सरकार की शपथ के साथ खत्म हो जाएगा नेतन्याहू का 12 साल का शासन

इजरायल की संसद में आज येर लपीद और नफ्ताली बेनेट की गठबंधन सरकार पर वोटिंग होनी है। आठ दलों के इस गठबंधन को 120 सदस्यीय संसद में जीत के लिए जरूरी 61 वोट मिल जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इस गठबंधन की जीत के साथ इजरायल में 12 साल से चले आ रहे बेंजामिन नेतन्याहू के शासन और बीते दो सालों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता का अंत हो जाएगा।

नफ्ताली बेनेट एक छोटी सी अतिराष्ट्रवादी पार्टी के नेता हैं, जो प्रधानमंत्री के रूप में पद की शपथ लेंगे। उन्हें समर्थन देने वाले गठबंधन में लेफ्ट से लेकर फिलिस्तीन समर्थक पार्टियां शामिल हैं। इसलिए माना जा रहा है कि ये गठबंधन शासन के लिए एक संतुलित नजरिया लेकर चलेंगे, जिसमें फिलिस्तीन के साथ तनाव घटाने और अमेरिका के साथ रिश्ते को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

इजरायल का यह आठ पार्टियों का गठबंधन इतना विविध है, इसमें लेफ्ट, सेंटर और राइटविंग विचारधारा के दल शामिल हैं। इस गठबंधन के सूत्रधार येर लपीद हैं। अगर यह गठबंधन दो साल से ज्यादा समय तक चलता है तो दो साल के बाद येर लपीद इजरायल के प्रधानमंत्री बनेंगे।

आठ दलों वाली गठबंधन सरकार ने इजरायल में माहौल को सामान्य बनाने का वादा किया है। इसके सामने राजनीतिक स्थिरता कायम करने की चुनौती होगी, क्योंकि दो साल से चले आ रहे राजनीतिक संकट के चलते यहां चार बार चुनाव हो चुके हैं। इसके अलावा बीते महीने फिलिस्तीन के साथ 11 दिन तक चले टकराव और टीकाकरण अभियान से पहले कोरोना वायरस की वजह से तबाह हुई अर्थव्यवस्था को संभालने की भी चुनौती है।

हालांकि, बेंजामिन नेतन्याहू, जो भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं, इस गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बेनेट पर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया है। इसके पीछे नेतन्याहू की दलील है कि बेनेट ने दक्षिणपंथी नेता के रूप में चुनाव लड़ा और सरकार बनाने के लिए वामपंथियों के साथ साझेदारी कर ली।

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