कांग्रेस में शामिल होंगे कफील खान? योगी सरकार के डर से राजस्‍थान में डाला डेरा

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लखनऊ। गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चर्चित डाक्टर कफील खान रिहाई के बाद फिलहाल परिवार के साथ राजस्थान में है। वह कहते हैं कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए हम यहां सुरक्षित रह सकते हैं। यूपी जाएंगे तो कोई न कोई केस लगाकर फिर से हमें जेल में डाल दिया जाएगा। इस बीच वे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से लेकर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक के संपर्क में हैं। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में सरकार बनने के बाद से डॉ. कफील खान को तीन बार जेल भेजा जा चुका है। इस वजह से सूबे के मुस्लिम समुदाय के बीच उनकी लोकप्रियता देखने को मिली है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां उन्हें अपने-अपने पाले में लाने के लिए उत्सुक नजर आ रही हैं। हालांकि इस कवायद में कांग्रेस, सपा से आगे निकलती दिख रही है। वहीं दूसरी ओर डा. कफील ने अभी तक अपना पत्ता नही खोला है।

कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक अदालत के आदेश पर मथुरा जेल से रिहाई के बाद डॉ. कफील खान जब बाहर निकले तो कांग्रेस के विधायक दल के पूर्व नेता प्रदीप माथुर पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओ के साथ मौजूद थे। वे सभी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर गए थे। वहां से कफील को साथ लेकर कांग्रेसी उन्हें राजस्थान बार्डर तक गए। जब वे (डा. कफील)  उस पार चले गए, तो प्रियंका गांधी को फोन पर जानकारी देकर वे लोग वापस आ गए। जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में ‌कफील ने स्वीकार किया कि वे प्रियंका गांधी के संपर्क में हैं। उन्होंने उनकी मदद की है और उनकी ही सलाह पर वे राजस्थान गए हैं। रिहाई से लेकर जयपुर तक साथ रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चेयरमैन शाहनवाज आलम का कहना है कि हमारी पार्टी हर उस निर्दोष के साथ खड़ी है, जिसके साथ योगी सरकार सूबे में अत्याचार और जुल्म करने का काम कर रही है। कांग्रेस के पूर्व विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा, ‘मैं पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर कफील खान के मामले को लेकर मथुरा और अलीगढ़ के जिला प्रशासन के साथ नियमित रूप से संपर्क में था। गौरतलब है कि प्रियंका गांधी ने कफील की रिहाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ को पत्र भी लिखा था। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के बैनर तले रिहाई के लिए कांग्रेस ने अभियान चलाया था।

उधर, डॉ. कफील खान की भले ही कांग्रेस के साथ फिलहाल कुछ गहरी नजदीकी दिख रही हो, लेकिन सपा भी उन्हें अपने पाले में लाने की कवायद कर रही है। सूत्रों की मानें तो कफील खान के भाई कासिफ जमाल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संपर्क में हैं। इन दिनों कासिफ भी कफील खान के साथ जयपुर में हैं। यही वजह है कि डॉ. कफील ने प्रियंका के साथ-साथ अखिलेश यादव का भी धन्यवाद किया हैं‌। सपा नेताओं का कहना हैं कि डॉ. कफील खान सपा में आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे। सूबे में सपा ही योगी सरकार के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है। कफील खान की रिहाई के लिए कांग्रेस ने सिर्फ बयानबाजी करने का काम किया है। असल लड़ाई तो सपा नेताओं ने लड़ी है। कांग्रेस का न तो सूबे में कोई जनाधार है और न ही संगठन। कफील खान सपा में आते हैं तो निश्चित तौर पर उन्हें एक राजनीतिक मजबूत ताकत मिलेगी। जयपुर में डा. कफील ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ-साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी समर्थन व सहयोग के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सपा ने भी हमारे हक में आवाज उठाई। अखिलेश यादव ने रिहाई के लिए ट्वीट कर हमारी मदद की है।

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दरअसल, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में सरकार बनने के बाद से डॉ. कफील खान को तीन बार जेल भेजा जा चुका है। पहली बार अगस्त 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी की वजह से बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके लिए डॉ. कफील को निलंबित कर जेल में भेज दिया गया था। वे करीब 9 महीने जेल में थे। इसके बाद 2018 में उन्हें एक 9 साल पुराने मामले में बहराइच से गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान दो महीने जेल में रहे। तीसरी बार उन्हें फरवरी 2020 में अलीगढ़ से गिरफ्तार किया था। सीएए-एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में योगी सरकार ने उन पर एनएसए लगा दिया था। जिसे हाईकोर्ट ने खत्म किया।

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