केजरीवाल सरकार ने पर्यावरण जागरूकता पर खर्च किए 940 करोड़: कांग्रेस

नयी दिल्ली. दिल्ली प्रदेश कांग्र्रेस समिति के वरिष्ठ प्रवक्ता डा़ नरेश कुमार ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने  पर्यावरण जागरूकता  के नाम पर 940 करोड़ रुपए की राशि खर्च की है  लेकिन इससे दिल्ली को कोई फायदा नहीं हुआ और राजधानी की हालत आज विश्व में बदतर हो चुकी है।

डा़ नरेश कुमार ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता की ओर से दायर की गई याचिका में दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि उसने लोगों को पर्यावरण के नाम पर जागरूक बनाने के लिए 940 करोड़ रूपए की धनराशि खर्च की है। इसमें यह खुलासा नहीं किया गया है कि प्रदूषण नियंत्रण के मद में अब तक कितनी धनराशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से बदहाल दिल्ली के लोग साफ़ वायु के लिए तरस रहे हैं लेकिन इस मोर्चे पर निपटने के लिए नाकाम रही इस सरकार को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। यह धनराशि सितंबर 2015 से सितंबर 2021 तक खर्च की गई है।

डा़ नरेश कुमार ने आईआईटी कानपुर की 2016 की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आईआईटी ने छह वर्ष पहले ही मुख्यमंत्री को चेताया था कि राजधानी में प्रदूषण विकराल रूप ले लेगा और इससे निपटने के लिए यांत्रिक रूप से सफाई(वैक्युम क्लीनिंग), मशीनों से पानी के छिड़काव और सड़कों की हालत बेहतर बनाने पर जोर दिया गया था लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई और नतीजा अब सबके सामने है।

उन्होंने कहा कि राजधानी में इस समय एक करोड़ 25 लाख वाहन हैं जिनमें से 50 प्रतिशत दुपहिया वाहन हैं और राजधानी के प्रदूषण में इनका योगदान 50 प्रतिशत है। इसका मुख्य कारण सार्वजनिक यातायात का नहीं  होना है । इस समय दिल्ली में डीटीसी की बसों की संख्या मात्र 3700 हैं जबकि इनकी संख्या 11 हजार होनी चाहिए  थी। वर्ष 2013 में शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल में डीटीसी के बेडे में करीब सात हजार बसें हुआ करती थी।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि  केजरीवाल जनता को रोज नए नए लुभावने वादे कर बेवकूफ बना रहे हैं लेकिन उन्होंने  दिल्ली के विकास के लिए कुछ नहीं किया और न ही वैकल्पिक सड़कों का निर्माण किया गया । राजधानी के अनेक हिस्सों में सड़कों की हालत टूटी होने से उन पर लगातार धूल उड़ती है जिससे वातावरण में पीएम 10 और पीएम 2. 5 प्रदूषक तत्वों  की मात्रा बढ़ने से लोग फेंफड़ों की बीमारियों का शिकार होते जा रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल रॉय के उस दावे को भी खारिज किया कि मौजूदा केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में राजधानी का हरित कवर क्षेत्र बढ़ा है । डा़ कुमार ने कहा कि वर्ष 2009 में शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल में हरित कवर  296. 20 वर्ग किलोमीटर था जो 2103-14 में बढ़कर 325 वर्ग किलोमीटर हो गया था और आज भी इसका क्षेत्र वहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार राजधानी में 33 लाख पौधे लगाने का दावा करती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है और इस मामले का ऑडिट कराया जाना जरूरी है।

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