किसानों के आगे आखिर झुकी खट्टर सरकार

किसानों के आगे आखिर झुकी खट्टर सरकार

करनाल। हरियाणा के करनाल जिला प्रशासन और किसानों के बीच दो मांगों पर समझौता हो गया है। एक बसताड़ा में हुए लाठीचार्ज की जांच और दूसरी मृतक के परिजन को डीसी रेट पर नौकरी। SDM आयुष सिन्हा को छुट्‌टी पर भेज दिया गया है। साथ ही धरना खत्म हो गया। संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस के बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों के बीच आकर चल रहे धरने को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने किसानों से अब दिल्ली के टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर कूच करने को कहा। साथ ही मानी गई मांगों के आधार की विस्तार से जानकारी भी दी।

बता दें कि समझौता शुक्रवार देर रात ही हो गया था, जिसकी जानकारी शनिवार सुबह दोनों पक्षों ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके दी। शुक्रवार रात को समझौता होते ही शनिवार सुबह हाेने वाली मीटिंग कैंसिल हो गई थी। इसके बाद किसानों ने धरना भी समेट दिया। धरना खत्म होने की घोषणा के बाद जिला सचिवालय पर लगा टेंट उखाड़ दिया गया। टेंटों का सारा सामान इकट्‌ठा कर गाड़ी में रख दिया गया। वहीं पैरामिलिट्री और मधुबन पुलिस को छोड़कर सभी जिलों की पुलिस को वापस भेजा जाएगा। पुलिस वालों को छोड़ने के लिए बसें भी मंगवाई गई, जो उन्हें संबंधित जिले में छोड़ेगी।

करनाल प्रशासन के अधिकारी बसताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की जांच कराने को मान गए हैं। जांच रिटायर्ड जज करेंगे, जो एक महीने में पूरी की जाएगी। किसानों की इस मांग को मानने के साथ ही प्रशासन ने IAS आयुष सिन्हा को छुट्‌टी पर भेज दिया है। प्रशासन ने लाठीचार्ज में मारे गए किसान के परिजन को नौकरी देने की मांग भी मान ली है। अब प्रशासन द्वारा मृतक के परिजन को एक हफ्ते के अंदर डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी।

बता दें कि शुक्रवार देर रात तक चली बातचीत में किसानों की मांगों पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया था कि प्रशासन करनाल के तत्कालीन SDM जिन्होंने किसानों का सिर फोड़ने की बात कही थी, उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच करने की बात पर प्रशासन तैयार हुआ है। वहीं प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसान के बेटे को डीसी रेट पर नौकरी देने की बात भी तय हुई है। हालांकि मृतकों और घायलों को मुआवजे का राशि तय नहीं हो पाई है, लेकिन उन्हें मुआवजा जरूर दिया जाएगा। किसानों के साथ चर्चा में डीसी निशांत कुमार यादव और एसपी गंगाराम पूनिया भी शामिल हुए।

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