आउटर रिंग रोड के 11 किमी में ‘किसान पथ’ बनकर तैयार, जल्द होगा लोकार्पण

योगी सरकार आगामी विधानसभा चनावों से पहले लखनऊ को आउटर रिंग रोड का तोहफा देने जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक 104 किमी में आउटर रिंग रोड का 80 प्रतिशत निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। सरकार ने मई 2022 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

यूपी सरकार की आउटर रिंग रोड की परियोजना हाईटेक रोड बनने के साथ खूबसूरती की भी मिसाल होगी। इससे भारी वाहन लखनऊ के अंदर प्रवेश नहीं कर सकेंगे, आउटर रिंग रोड के माध्यम से बाहर-बाहर अपना सफर तय करेंगे। इससे लखनऊ के अंदर जाम लगने की बड़ी समस्या से लोगों को बहुत राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि कोविड काल में भी आउटर रिंग रोड बनाने का काम जारी है, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया गया है।

आउटर रिंग रोड की लागत 5500 करोड़ रुपये और लंबाई करीब 104 किलोमीटर होगी। रिंग रोड 5 नेशनल, 6 स्टेट हाईवे और 104 गांवों को शहर से जोड़ेगी। सरकार का दावा है कि इसके बन जाने से लखनऊ की तस्वीर काफी बदल जाएगी। आउटर रिंग रोड बनने के बाद गोरखपुर, अयोध्या की ओर से आने वाले वाहनों को शहर में नहीं आना पड़ेगा। इससे चिनहट, कमता पर लगने वाला जाम खत्म करने में मदद मिलेगी। किसान पथ शुरू होने से शहीद पथ का 30 प्रतिशत ट्रैफिक कम हो सकता है।

इस बीच लखनऊ आउटर रिंग रोड से निकला ‘किसान पथ’ बनकर तैयार हो गया है। इसकी नींव तीन साल पहले रखी गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार में लखनऊ को मिलने वाली यह एक बड़ी सौगात होगी। लगभग 280 करोड़ रुपये की लागत से 11 किमी लंबे किसान पथ का काम पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम ने पूरा कर लिया है। अब केवल लोकार्पण का काम बाकी है। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अगले महीने मई में इसका लोकार्पण हो जाएगा।

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