जानिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल के बाद किसे कौन सा मंत्रालय मिला?

बुधवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेबबदल के बाद मंत्रियों के बीच मंत्रालयों का बंटवारा हो गया है। मनसुख मंडाविया को जहां नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, वहीं नौकरशाह से नेता बने अश्विनी वैष्णव को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिया गया है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह को नवगठित सहकारिता मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसमें बी एल वर्मा को उपमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का कद बढ़ाते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ-साथ युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय आवंटित किया गया है।

इस फेरबदल के बाद राजनाथ सिंह के पास रक्षा मंत्रालय, निर्मला सीतारमण के पास वित्त मंत्रालय, नितिन गडकरी के पास सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, जबकि सुब्रह्मण्यम जयशंकर के पास विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी को बरकरार रखा गया है।

मनसुख मंडाविया को रसायन और उर्वरक मंत्रालय भी दिया गया है, जबकि अश्विनी वैष्णव को संचार, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व रेल मंत्री पीयूष गोयल के पास अब वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अलावा कपड़ा मंत्रालय का भी प्रभार है।

अब शिक्षा मंत्रालय का नेतृत्व धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। उनके पास कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का भी प्रभार होगा। राम चंद्र प्रसाद सिंह इस्पात मंत्री, पशुपति कुमार पारस को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और किरण रिजिजू को विधि एवं न्याय मंत्री बनाया गया है। हरदीप सिंह पुरी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय का प्रभार संभालेंगे। नारायण राणे को लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमिता मंत्रालय और सर्वानंद सोनोवाल को पोत, जहाजरानी, जलमार्ग एवं आयुष मंत्रालय दिया गया है।

पूर्व आयुष राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक को राज्य मंत्री के रूप में अब बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के साथ-साथ पर्यटन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अब तीन गृह राज्य मंत्री होंगे। इनमें नित्यानंद राय, अजय कुमार और निशिथ प्रामाणिक के नाम शामिल हैं।

वीरेंद्र कुमार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री, भूपेंद्र यादव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री होंगे और जी किशन रेड्डी संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय का प्रभार दिया गया है।

उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय पहले जितेंद्र सिंह के पास स्वतंत्र प्रभार के रूप में था, लेकिन अभ मंत्रालय को एक कैबिनेट मंत्री मिल गया है।

स्मृति जुबिन इरानी के पास महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, जबकि नरेंद्र सिंह तोमर के पास कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय बरकरार है। प्रल्हाद जोशी संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री होंगे।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय व पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में, परमाणु ऊर्जा विभाग में और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री बने रहेंगे।

अजय भट्ट को रक्षा मंत्रालय और और पर्यटन मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। पहली बार लोकसभा सांसद बने मुंजापारा महेंद्रभाई को महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री बनाया गया है। दो नए राज्य मंत्रियों-प्रतिमा भौमिक और ए. नारायणस्वामी – को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के रामदास अठावले सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री के रूप में काम करना जारी रखेंगे।

बुधवार को भाजपा नीत एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहली बार मंत्रिपरिषद में फेरबदल किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 15 कैबिनेट और 28 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई। इसमें सात अतिरिक्त महिलाएं शामिल हैं। मीनाक्षी लेखी, शोभा कारंदलजे, दर्शना जरदोश, अन्नपूर्णा देवी, प्रतिमा भौमिक, भारती पवार और अनुप्रिया पटेल ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली। इनमें अनुप्रिया को छोड़कर सभी छह नेता पहली बार केंद्रीय मंत्री बनी हैं। इससे केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अब महिला मंत्रियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।

शपथ ग्रहण समारोह से पहले प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, आईटी एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित 12 मंत्रियों से इस्तीफे ले लिए थे।

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