लखीमपुर कांड: आशीष के बाद अब पिता पर एक्शन की बारी, बीजेपी मुख्यालय में तलब

लखनऊ। लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद अब उनके पिता केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी पर एक् शन की बारी है। की। आशीष को योगी सरकार की पुलिस ने जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। अब अपने अभियुक्त बेटे का निरन्तर बचाव कर रहे पिता अजय मिश्रा पर एक्शन की नम्बर है।

लखीमपुर कांड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी समझे जाने वाले यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने आज गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को लखनऊ बुलाया है। माना जा रहा है कि, स्वतंत्रदेव सिंह टेनी से लखीमपुर हिंसा को लेकर बातचीत करेंगे।

याद हो, स्वंत्रदेव सिंह ने कल ही लखनऊ में एक कार्यक्रम में कहा था कि नेतागिरी का मतलब फॉच्र्यूनर से कुचलना नहीं होता। लखीमपुर खीरी में किसानों को जीप और एसयूवी से कुचलने जाने को लेकर मचे हंगामे के बीच उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बड़ी बात कही थी।

किसान हिंसाकांड में मुख्य आरोपी बनाए गए आशीष मिश्रा और उनके पिता बीजेपी सांसद और केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि नेतागिरी का मतलब किसी को फॉच्र्यूनर से कुचलना नहीं है।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कार्यकर्ताओं को कामकाज और व्यवहार को लेकर कई तरह की नसीहतें दीं। पीएम मोदी की तारीफ करते हुए स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा, एक चाय बेचने वाला गरीब परिवार में जन्म लिया। बरसते पानी में मां के आंचल में छिपने वाला वह प्रदेश का मुख्यमंत्री बनता है देश का प्रधानमंत्री बनता है। वह भारत की धरती से कहते हैं न खाएंगे न खाने देंगे न सोएंगे न सोने देंगे।

स्वतंत्रदेव सिंह ने बिना नाम लिए लखीमपुर कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेतागिरी का मतलब लूटने नहीं आए हैं, फॉच्र्यूनर से चलने का मतलब किसी को कुचलने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि वोट आपके व्यवहार से मिलेगा। मोहल्ले में जब कोई प्रशंसक आपकी प्रशंसा करता है तो मेरा सीना चौड़ा होता है।

कहा कि दो नेताओं की पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है तो पार्टी ने कुछ मानदंड बनाकर कार्य किए हैं। जीवन में हर जगह बड़ों को सम्मान और छोटों को प्यार दें। किसी को छोटा न समझें।

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