रसोई गैस के दामों में 50 रुपए की बढ़ोतरी, जानिए अब कितने रुपए का मिलेगा सिलेंडर

नई दिल्ली रसोई गैस की कीमतों में आज 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। बता दें कि दिल्ली में अब रसोई गैस की कीमत 769 रुपए होगी। वहीं दूसरी तरफ देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कुछ जगहों पर इसके दाम 90 से 100 रुपयों के बीच है।

रसोई गैस

वहीं मध्य प्रदेश में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार हो गई है। जबकि मुंबई में पेट्रोल 95 रुपये में बिक रहा है। देश में पिछले 6 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमत लगातार बढ़ रही है। इसके दामों की रोज समीक्षा की जाती है। जबकि एलपीजी गैस के दामों की 15 दिनों में समीक्षा की जाती है।

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वहीं पेट्रोल-डीजल के बाद रसोई गैस के दामों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर अब कांग्रेस ने मोदी सरकार को जनविरोधी बताया है। कांग्रेस का कहना है कि ये सरकार आम लोगों की कमर तोड़ने में लगी है। इसे न तो लोगों के रोजी-रोजगार की परवाह है और न ही गृहणी के किचन के बिगड़ते बजट की चिंता है। ये सरकार सिर्फ कुछ लोगों का भला करने की नीति पर चल रही है।

एलपीजी सिलेंडर के दामों में वृद्धि के खिलाफ सरकार को घेरते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि मोदी सरकार ने आम जनता को बर्बाद करने की ठान ली है। पहले खेती के खिलाफ कानून लाकर किसानों को सड़क पर खड़ा करने काम किया गया। फिर पेट्रोल-डीजल के दाम में बेतहाशा वृद्धि कर लोगों के व्यापार-धंधों को चौपट करने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में सरकार का नया अत्याचार रसोई गैस के मूल्य में लगातार बढ़ोतरी करना है। उन्होंने कहा कि सरकार के एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के फैसले से देश के हर चू्ल्हे-चौके, हर गृहणी की व्यवस्था खराब होगी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान में पेट्रोल-डीजल के दाम में आग लगी हुई है और अब रसोई गैस के मूल्य भी रफ्तार पर हैं। पिछले 10 दिनों में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 75 रुपये का इजाफा हुआ है। चार फरवरी को गैस सिलेंडर की कीमत 25 रुपये बढ़ी थी और आज से इसकी कीमत में 50 रुपये और वृद्धि की गई है। दिसम्बर 2020 से अब तक सिलेंडर के दाम में 175 रुपये का इजाफा हो चुका है।

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि केंद्र सरकार को शर्म आनी चाहिए कि पूरी अर्थव्यवस्था ठप हो चुकी है और बेरोजगारी बढ़ रही है। उसके बावजूद सरकार अपने कुप्रबंधन को ठीक करने के बजाय लगातार जनता पर नित नये अत्याचार कर रही है। उन्होंने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के फैसले को सरकार का आपदा में अवसर तलाशे की प्रक्रिया बताया। उन्होंने सवाल किया कि जब संकट की स्थिति थी तो जनता सरकार के साथ खड़ी थी, लेकिन जब कच्चे तेल की कीमत घटी है तो जनता को लाभ क्यों नहीं मिल रहा?

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