लखनऊ: गोमती रिवरफ्रंट घोटाला मामले में 40 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी

सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन विंग ने गोमती रिवर फ्रंट घोटाला मामले में लखनऊ समेत कई शहरों में छापेमारी की है। इसमें नोएडा, गाज़ियाबाद, बुलंदशहर, रायबरेली, सीतापुर, इटावा और आगरा जैसे शहर शामिल हैं। सीबीआई ने यूपी के बाहर राजस्थान और पश्चिम बंगाल में भी छापेमारी की है। गौरतलब है कि इस मामले में सीबीआई ने करीब 190 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

रिवर फ्रंट योजना में कथित घोटाला यूपी में सपा सरकार के कार्यकाल में हुआ था। सरकारी दावों के मुताबिक, लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट के लिए सपा सरकार ने 1513 करोड़ आवंटित किए थे। लेकिन इसमें से 1,437 करोड़ रुपये यानी 95 फीसदी बजट खर्च होने के बावजूद योजना का मात्र 60 फीसदी काम ही हो पाया।

2017 में प्रदेश में बीजेपी सरकार आने के बाद रिवर फ्रंट की जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाया गया था। इस आयोग ने योजना के कार्यान्वयन में कई खामियां उजागर की थी। खास तौर पर ठेका देने की शर्तों में मनमाने बदलाव करने जैसी गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसी आधार पर राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

बीते साल नवंबर मेंसीबीआई ने सिंचाई विभाग के एक पूर्व इंजीनियर और वरिष्ठ सहायक को गिरफ्तार भी किया था। सीबीआई के मुताबिक, आरोपियों ने कुछ ठेकेदारों का पक्ष लिया था और जाली दस्तावेजों के आधार पर समझौते को आगे बढ़ाया था।

गौरतलब है कि रिवर फ्रंट योजना को लागू करते समय यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल यादव सिंचाई मंत्री थे। लेकिन 2016 में शिवपाल यादव को मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद यह विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास आ गया था।

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