Lucknow News : जेल में बंदी आत्महत्या के मामले में डीआईजी ने लिया संज्ञान, मामले की जांच करेगी दो कमेटी

लखनऊ। जिला जेल में बंदी रुपेश की आत्महत्या के मामले को डीआईजी जेल ने संज्ञान में लिया है। बंदी के पास मिले सुसाइड नोट और आत्महत्या की वजह जानने के लिए दो कमेटियों का गठन किया जायेगा है। पहली कमेटी डीआइजी जेल के निर्देशन में बनायी जायेगी, जबकि दूसरी कमेटी न्यायायिक जांच के लिए बनेगी। इसके लेकर जेल प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।

डीआईजी

जेल मुख्यालय के प्रवक्ता संतोष कुमार ने बुधवार को बंदी रुपेश की मौत मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर बताया कि डीआईजी जेल की निगरानी में जो कमेटी बनेगी वह जेल की व्यवस्थाओं पर जांच करेगी। किन कारणों से रुपेश ने आत्महत्या की, इस बात का भी पता लगायेगी। दूसरी कमेटी मजिस्ट्रेट स्तर अधिकारी के नेतृत्व में बनेगी। न्यायिक अधिकारी कौन होगा अभी इसको लेकर नाम तय नहीं हुआ है, लेकिन नामित होते ही तत्काल केश से संबंधित दस्तावेज अधिकारी को उपलब्ध कराये जायेंगे।

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गौरतलब है कि मंगलवार को बंदी रुपेश ने जेल में खुदकुशी कर ली थी। तलाशी के दौरान पुलिस को बंदी के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने गोसाईगंज पुलिस पर फर्जी डकैती के केश में फंसाने का आरोप लगाया था। भाई राकेश ने बताया कि पुलिस ने बीती 17 अगस्त को लोहा व्यवसायी के मुनीम से हुई 35 लाख की लूट के मामले में भाई रुपेश को जेल भेजा। तब से वह जेल में था। उसका भाई लुटेरा नहीं है, पुलिस ने लूट के मामले में गलत तरीके से जेल भेजा था।

गोसाईगंज अमरनाथ वर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आज वीडियोग्राफी के साथ तीन डॉक्टरों का पैनल शव को पोस्टमार्टम करेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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