लखनऊ : बिजली चोरी पर विभाग ने कस ली कमर, अब नहीं डाल पाएंगे कटिया

– राजस्व को हो रहे नुकसान को बचाने के लिए बिजली चोरी वाले इलाकों में डाले जा रहे आर्मड तार
– विभाग को 40% तक हो रही राजस्व हानि
– अमीनाबाद चिकमंडी में आर्मड तार डालने शुरू 

बिजली चोरी

लखनऊ। शहर के हजारों उपभोक्ता कटिया डाल बिजली चोरी कर विभाग को आर्थिक चपत लगा रहे हैं। इस नुकसान से बचने के लिए ओवर हेड लाइनों को भूमिगत करना होगा। इसके लिए प्रत्येक खंड के इंफ्रास्ट्रक्चर को विभाग मजबूत करने में लगा है। इसी कड़ी में सबसे ज्यादा बिजली चोरी वाले इलाके में एक अमीनाबाद चिकमंडी में आर्मड तार लगाए जा रहे हैं। आर्मड तार में कटिया काम नहीं करेगी। जल्द ही शहर के अन्य इलाकों में आर्मड तार लगाए जाएंगे।

पुराने शहर के दर्जनों इलाकों में खुलेआम कटिया डालकर बिजली चोरी जारी है। ऐसे इलाकों में अमीनाबाद, ठाकुरगंज, चौक, रेजीडेंसी, ऐशबाग, अपट्रॉन के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र प्रमुख हैं। बिजली विभाग बिलिंग प्रतिशत बढ़ाने की बात कहकर खुद की पीठ भले ही थपथपा रहा हो, लेकिन शहर में कुल खर्च हो रही बिजली में उसको केवल 60 से 70 फीसद का ही राजस्व मिल रहा है। शेष का नुकसान विभाग को उठाना पड़ रहा है।

आर्मड तार लगाने की योजना

बिजली विभाग कटिया डालकर बिजली चोरी करने वाले इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर कर आर्मड तार लगाने की योजना बना रहा है। इसकी शुरू उसने अमीनाबाद के चिकमंडी से कर दी है। उद्देश्य है कि बिजली चोर इस तार में कटिया नहीं लगा सकेंगे और न हीं इसे काट सकेंगे। वर्तमान में चिकमंडी जैसे मुहल्ले बिजली विभाग की आर्थिक स्थिति का आंकड़ा बिगाड़ रहे हैं।

600 मीटर तार लगाने का काम पूरा

अमीनाबाद इलाके में करीब 600 मीटर लगाया जा चुका है। वहीं अस्तबल, मौलवीगंज सहित कई गलियों में लगाने का प्रस्ताव है। बिजली चोरी रोकने के लिए लाइनों को भूमिगत करना बेहद जरूरी है। अभियंता का कहना है कि हर दूसरे दिन मार्निंग रेड डालने के बाद स्थिति में बहुत ज्यादा सुधार नहीं है। गलियों में रहने वाले लोगों को मुफ्त की बिजली जलाने की आदत पड़ गई है, अब चोरी पकड़ी जा रही है तो बिजली विभाग उनकी नजरों में बुरे बने हुए हैं।

अमीनाबाद के कुछ मुहल्लें ऐसे हैं जहां हर दूसरे दिन बिजली चेकिंग चलाने के बाद भी लोग सुधरने को तैयार नहीं है। इनमें चिकमंडी भी है, यहां 60 फीसदी ही कुल खर्च होने वाली बिजली का राजस्व आ रहा है। इसलिए यहां 1500 मीटर आर्मड तार लगाया जा रहा है।
आरके श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, अमीनाबाद।

Related Articles

Back to top button
E-Paper