गाजियाबाद में माॅनिंग वाॅक निकले ठेकेदार की गोली मारकर हत्या

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार तड़के बदमाशों ने ताबड़-तोड़ गोलियां चलाकर एक साथ वर्षीय ठेकेदार की नृशंस हत्या कर दी। जिस समय यह वारदात हुई उस समय 60 वर्षीय नरेश त्यागी माॅनिंग वाॅक के लिए निकले थे लेकिन पार्क के पास पहुंचते ही उन पर बदमाशों ने गोलियाें की बौछार कर दी।

जानकारी के मुताबिक़ नरेश त्यागी ठेकेदारी करते थे और यहां की पाॅश कालोनी लोहिया नगर में रहते थे। उनके बहनोई व उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री रह चुके राजपाल त्यागी व उनके भांजे एवं विधायक अजीत पाल त्यागी भी लोहिया नगर में रहते हैं। नरेश त्यागी अक्सर ग्रुप के साथ माॅर्निग वाॅक पर जाते थे, लेकिन आज अकेले ही घर से निकले थे। जैसे ही वह पूर्व सांसद व जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी के आवास के सामने वाले पार्क के नजदीक पहुंचे तभी स्कूटी पर सवार होकर आए दो बदमाशों ने उन पर ताबड़-तोड़ गालियां चला दी।

गोलियां लगते ही वह नीचे गिर गए। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। नरेश त्यागी को छह गोलियां लगी हैं। इनमें एक गोली उनके सिर में तथा बाकी छाती में लगी हैं। सुबह-सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट की आवाज सुनकर पूरा इलाका दहल गया। आनन-फानन में लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें यशोदा अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस में हड़कंप मच गया और मौके पर एसएसपी कलानिधि नैथानी व एसपी सिटी अभिषेक वर्मा तत्काल पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। एसएसपी का कहना है कि अपराधियों की तलाश के लिए तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। अजीत पाल त्यागी व उनके परिजन अस्पताल पहुंच गए और उनके समर्थक भी पहुंचे। यशोदा अस्पताल में आने वालों का तांता लगना शुरू हो गया है।

एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि नरेश त्यागी के हत्यारों की तलाश में कई टीमों का गठन किया गया है और हर बिंदु पर जांच शुरू कर दी गई है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

नरेश त्यागी की जहां पर हत्या हुई है वह गाजियाबाद का पाॅश इलाका है। यहां पर जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद केसी त्यागी, पूर्व विधायक कांग्रेस नेता केके शर्मा समेत कई पुलिस अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारियों के आवास भी हैं। अपराधियों द्वारा सरेआम हत्या को अंजाम देना सीधे-सीधे गाजियाबाद के पुलिस प्रशासन को चुनौती है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper