मंत्रि-परिषद के सदस्य स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लें: शिवराज

स्वास्थ्य एवं उपचार की सुविधाओं का लें जायजा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य मंत्रि-परिषद के सदस्य जिलों में भ्रमण कर स्वास्थ्य एवं उपचार की सुविधाओं का जायजा लें। कोरोना के नये स्वरूप ओमिक्रान वेरिएंट से जनता को बचाने के लिए मिलजुल कर प्रयास करना है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश 15 से 18 वर्ष के किशोरों को वैक्सीन का डोज लगाकर सभी राज्यों से आगे है।

सागर में 58 हजार 803 किशोरों को वैक्सीन डोज लगाए गए
यह वातावरण बनाये रखा जाए। उन्होंने 3 जनवरी को प्रदेश में विद्यार्थियों के हुए वैक्सीनेशन में सागर में सर्वाधिक वैक्सीनेशन पर प्रसन्नता व्यक्त की। सागर में 58 हजार 803 किशोरों को वैक्सीन डोज लगाए गए। प्रदेश में 3 जनवरी को 10 लाख 32 हजार 996 डोज लगाए गए। यह उपलब्धि लक्ष्य के मुकाबले 86 प्रतिशत है। सागर में 168 प्रतिशत, प्रदेश में दूसरे क्रम पर छतरपुर में 168 प्रतिशत और तीसरे क्रम पर मंदसौर में 133 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है।

विद्यालयों में 50 प्रतिशत क्षमता से उपस्थिति की व्यवस्था कायम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों पर कोई अंकुश नहीं रहेगा। संक्रमण से बचाव के लिए सभी सावधानियों का पालन हमें करना है। गरीब व्यक्ति को रोजी-रोटी के लिए परेशान नहीं होना पड़े, साथ ही सभी वर्गों की जीविका के काम में कोई संकट खड़ा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में 50 प्रतिशत क्षमता से उपस्थिति की व्यवस्था कायम रहेगी।
श्री चौहान ने कहा कि मंत्रि-परिषद के सदस्य अपने जिलों में अस्पतालों में बैड, ऑक्सीजन प्लांट, सिटी स्केन और अन्य उपकरणों की उपलब्धता का जायजा लें। होम आइसोलेशन के लिए आवश्यकता पड़ने पर कोविड केयर सेंटर्स के संचालन की तैयारी भी देखें। जिन लोगों की टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आती है उनके घर में यदि स्थान का अभाव है तो उन्हें कोविड केयर सेंटर में आइसोलेट रखने की व्यवस्था की जाए।

देश में 26 हजार 248 और प्रदेश में 256 प्रकरण सामने आए
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने कोविड-19 की स्थिति और प्रबंधन पर चार बिन्दुओं पर आधारित प्रेजेंटेशन दिया। इनमें कोविड-19 की प्रदेश में वर्तमान स्थिति, नये वेरियेंट ओमिक्रान की स्थिति, कोविड वैक्सीनेशन की स्थिति और किशोर वर्ग के कोविड वैक्शीनेशन की स्थिति पर जानकारी दी गई। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि आज देश में 26 हजार 248 और प्रदेश में 256 प्रकरण सामने आए। कोविड संक्रमण की स्थिति में राज्यों में मध्यप्रदेश बीसवें क्रम पर है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 60 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। यदि साप्ताहिक रूझान देखें तो गत सप्ताह से करीब तीन गुना प्रकरण बढ़े हैं। प्रदेश में 52 प्रतिशत प्रकरण इन्दौर में देखे गए हैं।
भोपाल में कुल प्रकरणों में से 22 प्रतिशत, जबलपुर में 5 प्रतिशत, ग्वालियर में 4 प्रतिशत और उज्जैन में 3 प्रतिशत प्रकरण देखने में आए हैं। प्रदेश में 892 मरीज होम आइसोलेशन में है। ओमिक्रान के नौ प्रकरण सामने आए जिनमें सात रिकवर्ड हो गए हैं।

यूएस और यूके में प्रकरण बढ़े हैं वहीं दक्षिण अफ्रीका में प्रकरण कम होने लगे
श्री चौहान ने कहा कि पड़ोसी प्रदेश महाराष्ट्र में नए वेरिएंट के सबसे ज्यादा 568 मामले आने से मध्यप्रदेश में पूरी सावधानियों का पालन आवश्यक है। उन्होंने संक्रमण के ग्लोबल ट्रेंड की जानकारी भी प्राप्त की। इसके अनुसार जहाँ यूएस और यूके में प्रकरण बढ़े हैं वहीं दक्षिण अफ्रीका में प्रकरण कम होने लगे हैं। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि मध्यप्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन का कार्य काफी अच्छा हुआ है। वैक्सीन की प्रथम डोज 95.3 प्रतिशत और द्वितीय डोज 91.7 प्रतिशत लोगों को लग चुके है। किशोरों के वैक्सीनेशन में मध्यप्रदेश सभी प्रदेशों से आगे है।

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