मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ पर कसा तंज, बोले- उन्हें क्यों मिलना चाहिए उपाध्यक्ष पद

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष पद पर भाजपा ने गिरीश गौतम को नियुक्त किया है। वहीं अब उपाध्यक्ष पद को लेकर खींचतान चल रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर कब्जा करना चाहती है। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस द्वारा उपाध्यक्ष पद की मांग पर निशाना साधा है।

नरोत्तम मिश्रा

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस द्वारा मांगे जा रहे उपाध्यक्ष पद को लेकर कहा कि उन्हें कोई भी नहीं रोक रहा है लेकिन उन्हें क्यों मिलना चाहिए। जब वह 15 साल बाद 15 महीने के लिए पावर में आए तो उन्होंने क्या दिया, जिसका तर्क दे रहे हैं कि हमने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। मेरा उनसे प्रश्न है कि वह सरकार अल्पमत की सरकार थी, बहुमत की सरकार नहीं थी। अल्पमत की सरकार में विसंगतियां आती हैं। उनको अपना मन बड़ा करना था, हमारी सरकार बहुमत की सरकार है।

सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों के साइकिल चलाने के दौरान पसीना छूटने और कार में सवार होने पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा पर विरोध प्रदर्शन के लिए साइकिल रैली निकलने वाले कांग्रेस विधायकों की सांसें फूलना चिंताजनक है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी से मेरा आग्रह है कि जब इस तरह के कार्यक्रम हो जिसमें थोड़ा भी शारीरिक श्रम करना पड़ता हो तो पहले अपने विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराए। सदन को उनके स्वास्थ्य की, उनके सम्मान की पूरी चिंता है लेकिन कल जिस तरह का वाकया देखने पर आया वह काफी चिंताजनक है।

महाराष्ट्र से सटे जिलों में सख्ती के निर्देश

महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए मप्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंत्री मिश्रा ने कहा कि महाराष्ट्र से सटे हुए जो हमारे जिले हैं उनमें सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि जो कोरोना की गाइडलाइन है उसकी पूरी सावधानियों का ध्यान रखें। इसी के साथ भोपाल तथा इंदौर में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।

बंगाल कोयला घोटाले पर कसा तंज

बंगाल में चल रहे कोयला घोटाले को लेकर गृहमंत्री ने कहा कि कोयले की दलाली में सब काला हो गया है। अगर ईमानदार है तो सामने आए भागते क्यों है। सीबीआई के पास जाने में दिक्कत है तो मीडिया के माध्यम से अपनी बात रख दें, अपनी निष्पक्षता साबित तो करें। क्योकि डेमोक्रेसी में कई फोरम है सिर्फ एक फोरम नहीं है। उनका पलायन करना इस बात का सूचक है कि उनके हाथ काले हैं।

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