मिशनरीज ऑफ चैरिटी को मिली एफसीआरए की मंजूरी

मिशनरीज ऑफ चैरिटी का विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) पंजीकरण शनिवार को बहाल कर दिया गया। विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए वैध प्रमाणीकरण वाले संगठनों की सूची में इसका नाम फिर से जुड़ गया है।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा था कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी के लिए एफसीआरए के तहत नवीनीकरण के आवेदन को प्रतिकूल इनपुट के कारण अस्वीकार कर दिया गया था।
गौरतलब है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी एफसीआरए के तहत पंजीकृत है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ ब्रायन ने ट्वीट किया,“प्यार की शक्ति।संत मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी का एफसीआरए पंजीकरण पुन: बहाल हो गया है। ‘प्रतिकूल इनपुट ने बहुतों को परेशान किया, जो दो सप्ताह बाद समाप्त हो गया। प्यार की शक्ति 56 इंच की ताकत से अधिक मजबूत है।”
मिशनरीज ऑफ चैरिटी कोलकाता और उसके आसपास के विभिन्न घरों में बड़ी संख्या में बेघर, अनाथ और कुष्ठ रोगियों को मुफ्त भोजन, आश्रय और चिकित्सा उपचार प्रदान करता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक जनवरी को 5,900 से अधिक संगठनों को एफसीआरए सूची से हटा दिया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने फरवरी 2021 में राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि 2016 से 2020 के बीच 6600 से अधिक गैर सरकारी संगठनों और संघों के एफसीआरए पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए थे।

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