मोदी सरकार का फैसला, शहरी आवास योजना के लिए अतिरिक्त 18 हजार करोड़ रुपये की घोषणा

नई दिल्ली। केंद्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत देश की मध्यम आय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए घर बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को शहरी आवास योजना के लिए 18,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान की घोषणा की।

शहरी आवास योजना

इस घोषणा से रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे अनेक क्षेत्रों में रोगजार मिलेगा और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। यह राशि इस साल दिए जा चुके 8,000 करोड़ रुपये से अतिरिक्त होगी।

वित्तवर्ष 2020-21 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए बजट अनुमानों के अलावा अतिरिक्त बजटीय संसाधनों से 18,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले से 12 लाख मकानों का काम शुरू करने के साथ ही 18 लाख मकानों को पूरा करने में मदद मिलेगी। वित्तमंत्री ने कहा कि इससे 78 लाख नए रोजगार के मौके पैदा होंगे और स्टील तथा सीमेंट की मांग भी बढ़ेगी।

आवंटन इस साल पहले ही 8,000 करोड़ रुपये से अधिक है। रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक अन्य प्रमुख मामले में, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 30 जून तक 10 प्रतिशत की वर्तमान अनिवार्य सीमा से सर्कल रेट और आवास इकाइयों के समझौते मूल्य के बीच अनुमत अंतर में वृद्धि की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि यह फैसला ऐसे समय में बिक्री को बढ़ावा देने के लिए किया गया है जब मांग कम है।

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