केरल में लौटते मानसून का कहर, दो शव और मिले, अब तक 15 लोगों की मौत, सेना अलर्ट

नई दिल्ली/कोच्चि केरल में लौटते मानसून ने भारी बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर से तबाही मचाई है। बारिश और भूस्खलन से काफी नुकसान होने की खबर है। बारिश जनित हादसों में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है और आठ- दस लोग अब भी लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ की टीमें कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही सेना, वायुसेना और नौसेना की टीमें भी अलर्ट पर हैं।

केरल

केरल के दक्षिण इलाके में आज भी भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने केरल में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने सभी से सावधानियां बरतने की अपील की है।

रविवार को भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर दक्षिण और मध्य केरल में दिखाई दे रहा है, जहां तेज बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई है। कोट्टायम और इडुक्की जिले में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार रविवार को कोट्टायम जिले के कूट्टिकल में भूस्खलन स्थल से दो और शव बरामद हुए हैं। पिछले 24 घंटे में बाढ़ और भूस्खलन सहित बारिशजनित घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 12 लोगों की मौत कोट्टायम और तीन की इडुक्की जिलों में हुई है। इन हादसों में पांच बच्चों समेत कई लोगों के लापता होने की भी खबर है।

रविवार को बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कतें आ रहीं हैं। मौसम विभाग ने केरल के इन इलाकों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों में रेड और सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केरल में 2018 और 2019 की बाढ़ की तरह इस साल भी तबाही मचने की आशंका है।

खबर मिली है कि पथानामथिट्टा क्षेत्र में भारी वर्षा के बाद पम्पा नदी का पानी आसपास के घरों में घुसना शुरू हो गया है। प्रशासन ने निचले इलाके के लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए हैं। इसे देखते हुए त्रावणकोर देवासम बोर्ड ने भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों से अनुरोध किया कि वे 17 और 18 अक्टूबर को सबरीमाला मंदिर में न जायें।

केरल के पांच जिलों में रेड अलर्ट के बाद बचाव कार्यों में स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय, तैयार है। इस बीच केएसडीएमए ने कोट्टायम के कुट्टिकल गांव में फंसे परिवारों को निकालने के लिए कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान से हवाई सहायता मांगी गई है। केएसडीएमए नौसेना अधिकारियों के संपर्क में है और सूचना पर गोताखोरी और बचाव दल अल्प सूचना पर रवाना होने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा हवाई संचालन के लिए अनुकूल मौसम होने पर हेलीकॉप्टर भी तैनात किए जाने के लिए तैयार हैं।

इसी बीच मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने लोगों से बारिश से बचने के लिए सभी सावधानियां बरतने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में 105 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। अभी और अधिक शिविर शुरू करने की व्यवस्था की गई है।

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