ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी का निधन

नई दिल्ली। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी का शनिवार को निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। मौलाना वली रहमानी के निधन से मुस्लिम जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

मौलाना वली रहमानी अमारत-ए-शरीआ बिहार, ओडिशा, झारखंड के अमीर भी थे। वह बिहार की मशहूर दरगाह रहमानिया मुंगेर शरीफ के सज्जादा नशीन भी थे। उनके निधन से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ-साथ भारतीय मुसलमानों का एक बड़ा नुकसान हुआ है।

मौलाना वली रहमानी ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव की हैसियत से सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक कानून का जोरदार तरीके से विरोध किया था और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से अदालत में मजबूती से मुकदमा लड़ा था। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से अयोध्या की बाबरी मस्जिद भूमि की मिल्कियत के सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदमे में भी मजबूती से पैरवी की थी।

अभी हाल ही में दहेज उत्पीड़न के चलते अहमदाबाद की साबरमती नदी में छलांग लगाकर खुदकुशी करने वाली आयशा खान नामी मुस्लिम महिला की घटना को उन्होंने गंभीरता से लिया गया था। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जरिए देशभर में दहेज विरोधी मुहिम चलाने और आसान एवं मसनून निकाह की मुहिम की शुरुआत की थी। देशभर में सम्मेलनों आदि के माध्यम से यह सिलसिला अभी भी बदस्तूर चल रहा है। मौलाना ने मुसलमानों के समाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए अथक प्रयास किया है। उनके जरिए बिहार में स्कूल, कालेज, कोचिंग इंस्टिट्यूट, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना करके मुसलमानों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया गया है।

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