वेबिनार में बोले नरेन्द्र सिंह तोमर – आत्मनिर्भर भारत के लिए गावों को बनना होगा स्वावलंबी

नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गांवों को स्वावलंबी बनाना आवश्यक है। इसके लिए ग्राम पंचायत में सुशासन, विकास, ग्रामीण इलाकों में अधोसंरचना का विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे। इस दिशा में भारत सरकार ने कई प्रयास किए हैं।

ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सोमवार को ‘गांवों की आत्मनिर्भरता तथा पंचायती राज’ विषयक राष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गांवों में सामुदायिक भाव ग्राम विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। जिन ग्रामों में सामुदायिक भाव प्रबल है वहां सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सरल हो जाता है।

श्री तोमर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक सुधार की दिशा में कई प्रयास किए हैं। अब ग्राम पंचायतों के पास धन का अभाव नहीं है। पिछले पांच सालों में सरकार ने ग्राम पंचायतों को 2 लाख 292 करोड़ रुपये जारी किए हैं। केन्द्रीय वित्त आयोग व राज्य वित्त आयोग से पंचायतों को धन का आवंटन हुआ है। मनरेगा का भी कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से हो रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि सरकार सौभाग्य योजना के माध्यम से बिजली, उज्जवला योजना के माध्यम से गैस और आवास योजना के माध्यम से लोगों को घर मुहैया करा रही है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा कि गांधी जी के ग्राम स्वराज्य का सपना अधूरा है। सरकार को पंचायतों को स्व सरकार के रूप में परिभाषित करना चाहिए। हमें राज्य वित्त आयोग की ओर से दी जा रही सिफारिशों पर भी ध्यान देना चाहिए। राय ने सुझाव दिया कि ग्रामों में न्याय पंचायतों का प्रावधान होना चाहिए। पंचायतों के लिए अलग से काडर बनाया जाना चाहिए और 73वें संविधान संशोधन में रही कमियों को पूरा करने के लिए संविधान संशोधन किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर एनआईआरडी एंड पीआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. डब्ल्यू आर रेड्डी ने कहा कि हमें गांवों में प्राकृतिक और मानव संसाधन का पूरा उपयोग करना चाहिए। केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर जनक पांडे ने कहा कि संसाधनों के विकास, सामुहिक भावना और प्रशासनिक व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने में सक्षम हैं। मिशन स्मृद्धि के संस्थापक अरूण जैन ने कहा कि गांवों की जीडीपी की अवधारणा विकसित कर हमें काम करना चाहिए और माइक्रो इकोनोमिक्स जोन पर विचार करना चाहिए।

Related Articles

Back to top button
E-Paper