Navratri 2020: कल से शुरू हो रही नवरात्रि, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

17 अक्टूबर से नवारात्रि शुरू हो रही है। नवरात्रि के नौ दिनों में लोग देवी के नौ रूपों की आराधना करते हैं। नवरात्रि शरद ऋतु में अश्विन शुक्ल पक्ष से शुरू होती है जो इस बार 17 से 25 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। 26 अक्टूबर को विजयदशमी या दशहरा मनाया जाएगा। इस बार मां का आगमन घोड़े पर हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार मां का घोड़े पर आगमन पड़ोसी देशों के साथ कटु संबंध राजनीतिक उथल-पुथल, रोग व शोक देता है। फिर मां भैंस पर विदा हो रही है। इसे भी शुभ नहीं माना जाता है।

प्रथम शक्ति माँ शैलपुत्री !

नवरात्रि प्रथम दिन : मां शैलपुत्री की साधना से प्रारंभ हुआ शक्ति का पर्व,  जानिए मां की कहानी


माँ मुखमंडल दीप्त है दैविक श्वेत स्वरुप,
कमल-पुष्प दुर्गुण हरण वृषारूढ़ अभिरूप !
शैल-सुता दुर्गा हरे दैहिक ,भौतिक ताप ,
महालक्ष्मि,माँ सरस्वति ,आद्यशक्ति अनुरूप !
————– प्रो विश्वम्भर शुक्ल

नवरात्रि से जुड़े कई रीति-रिवाजों के साथ कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इस साल नवरात्रि पर 58 साल बाद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस नवरात्र में शनि और गुरू ग्रह करीब 58 साल के बाद अपनी राशि में मौजूद रहेंगे। शनि ग्रह की राशि मकर और गुरू की अपनी राशि धनु है। इसलिए ग्रहों की दशा का बन रहा यह शुभ संयोग कलश स्थापना के लिए बेहद शुभ है।  इस बार नवमी और दशमी एक ही दिन मनायी जाएगी। 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 14 मिनट तक नवमी मनायी जाएगी।  11 बजकर 14 मिनट के बाद हवन के साथ विजयादशमी मनायी जाएगी। इसके बाद शाम को दशहरा मनाया जाएगा।

कलश स्था‍पना का मुहूर्त

कलश स्था‍पना का शुभ मुहूर्त: 17 अक्टूबर की सुबह 06 बजकर 23 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक। कुल अवधि 03 घंटे 49 मिनट है। स्थिर लग्न कुम्भ दोपहर 2:30 से 3:55 बजे तक होगा। साथ ही शुभ चौघड़िया भी इस समय प्राप्त होगी। अतः यह अवधि कलश स्थापना के लिए अति उत्तम है। दूसरा स्थिर लग्न वृष रात में 07:06 से 09:02 बजे तक होगा, परंतु चौघड़िया 07:30 तक ही शुभ है। अतः 07:08 से 07:30 बजे के बीच मे कलश स्थापना किया जा सकता है।

तिथि और मां का पूजन

17 अक्टूबर – प्रतिपदा – घट स्थापना और शैलपुत्री पूजन

18 अक्टूबर – द्वितीया – मां ब्रह्मचारिणी पूजन

19 अक्टूबर – तृतीया – मां चंद्रघंटा पूजन

20 अक्टूबर – चतुर्थी – मां कुष्मांडा पूजन

21 अक्टूबर – पंचमी – मां स्कन्दमाता पूजन

22 अक्टूबर – षष्ठी – मां कात्यायनी पूजन

23 अक्टूबर – सप्तमी – मां कालरात्रि पूजन

24 अक्टूबर – अष्टमी – मां महागौरी पूजन

25 अक्टूबर – नवमी, दशमी – मां सिद्धिदात्री पूजन व विजया दशमी

नवरात्र में बन रहे तीन सर्वार्थसिद्धि योग

इस बार नवरात्रि के दौरान तीन स्वार्थसिद्धि योग 18 अक्टूबर, 19 अक्टूबर और 23 अक्टूबर को बन रहा है। वहीं, एक त्रिपुष्कर योग 18 अक्टूबर को बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस नवरात्रि के दौरान गुरु और शनि स्वगृही रहेंगे जो बेहद ही शुभ फलदायी है।

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