कानपुर पुलिस की लापरवाही : शहीद सीओ को बना दिया हत्या कांड का विवेचक

कानपुर। कानपुर पुलिस की लापरवाही की कोई सीमा नहीं है। तीन तहीने पूर्व शहीद सीओ का नाम एक हत्या की जाचं में अंकित है और विभाग के आला अधिकारियों को इसकी भनक तक नही है। यही नहीं पुलिस ने एक दलित किसान की हत्या में बकायदा उन्हे विवेचक बना दिया गया है। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस आज भी शहीद देवेन्द्र मिश्रा को अपना सीओ मान रही है और बकायदा उनका नाम फाइलों में चल रहा है। आश्चर्य की बात है कि एक दलित किसान की हत्या में पुलिस ने देवेन्द्र मिश्रा को बकायदा विवेचक बना दिया और एक हफ्ते से अधिक समय से शहीद सीओ फाइलों में किसान की हत्या की जांच कर रहे हैं। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि जाबांज सीओ बिल्हौर पुलिस के मन में किस तरह रचे बसे हुए थे, हालांकि इसमें पूरी संभावना है कि टाइपिंग करते समय भूल हुई होगी।

बिल्हौर थाना क्षेत्र के दादारपुर कटाहा गांव में दलित किसान राम प्रसाद दिवाकर की तीन अक्टूबर की रात खेत में हत्या हो गयी थी। किसान के बेटे विक्रम ने अगले दिन थाना में तहरीर देकर मल्लापुर गांव के महेन्द्र कटियार व उसके परिजनों पर हत्या किये जाने की नामजद एफआईआर की थी। मामला दलित होने के चलते बिल्हौर सीओ को विवेचक बनाया गया और विवेचक में शहीद सीओ देवेन्द्र मिश्रा का नाम एफआईआर में डाल दिया गया।

Related Articles

Back to top button
E-Paper